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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   संतकबीरनगर। डीएम प्रेमरंजन सिंह ने बेजुबान पशुओं के प्रति अधिकारियों को संवेदनशील रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने कड़ाके की ठण्ड को देखते हुए गौशालाओं पर अधिकारियों को भेजकर जॉच करायी। जिलाधिकारी ने कुछ गौशालाओं पर शिकायत की सूचना पाये जाने पर यह निरीक्षण कराया है तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि गौशाला का निरीक्षण करते रहे तथा पशुओं के बीमार होने की सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें जिससे पशुओं का ईलाज समय से हो सके। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया था, जिसके क्रम में सीबीओ डा0 संजय यादव द्वारा जनपद में स्थापित वृहद गोसंरक्षण केन्द्र मझौरा विकास खण्ड- पौली संत कबीर नगर का स्थलीय निरीक्षण किया गया। आश्रय स्थल पर 82 नर एवं 20 मादा कुल 102 गोवंश उपलब्ध पाये गये। स्थल पर निरीक्षण के समय स्थल पर गेहूँ का भूसा लगभग 18 कुन्तल, दाना 01 कुनाल उपलब्ध पाया गया तथा पशुओं को पानी पीने हेतु समरसेबुल चालू हालत में पाया गया। ठण्ड से बचाव हेतु अलाव की व्यवस्था, शेड के चारों तरफ तिरपाल एवं 50 जूट के बोरे गोवंश के ढकने हेतु उपलब्ध पाया गया। स्थल पर 01 गोवंश बीमार था जिसकी चिकित्सा डा० आनन्द कुमार, प०चि०अ० एवं उनके स्टाफ द्वारा करते हुए पाया गया। वर्तमान में गोवंश के खाने पीने एवं दण्ड से बचाव की समुचित व्यवस्था उपलब्ध पायी गयी।

संतकबीरनगर-डीएम.के निर्देशानुसार मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने गौशाला की जांच की

 

संतकबीरनगर। डीएम प्रेमरंजन सिंह ने बेजुबान पशुओं के प्रति अधिकारियों को संवेदनशील रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने कड़ाके की ठण्ड को देखते हुए गौशालाओं पर अधिकारियों को भेजकर जॉच करायी। जिलाधिकारी ने कुछ गौशालाओं पर शिकायत की सूचना पाये जाने पर यह निरीक्षण कराया है तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि गौशाला का निरीक्षण करते रहे तथा पशुओं के बीमार होने की सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें जिससे पशुओं का ईलाज समय से हो सके। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया था, जिसके क्रम में सीबीओ डा0 संजय यादव द्वारा जनपद में स्थापित वृहद गोसंरक्षण केन्द्र मझौरा विकास खण्ड- पौली संत कबीर नगर का स्थलीय निरीक्षण किया गया। आश्रय स्थल पर 82 नर एवं 20 मादा कुल 102 गोवंश उपलब्ध पाये गये। स्थल पर निरीक्षण के समय स्थल पर गेहूँ का भूसा लगभग 18 कुन्तल, दाना 01 कुनाल उपलब्ध पाया गया तथा पशुओं को पानी पीने हेतु समरसेबुल चालू हालत में पाया गया। ठण्ड से बचाव हेतु अलाव की व्यवस्था, शेड के चारों तरफ तिरपाल एवं 50 जूट के बोरे गोवंश के ढकने हेतु उपलब्ध पाया गया। स्थल पर 01 गोवंश बीमार था जिसकी चिकित्सा डा० आनन्द कुमार, प०चि०अ० एवं उनके स्टाफ द्वारा करते हुए पाया गया। वर्तमान में गोवंश के खाने पीने एवं दण्ड से बचाव की समुचित व्यवस्था उपलब्ध पायी गयी।

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