
लखनऊ।- उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रतीकों और नारों का दौर एक बार फिर चरम पर है, जहाँ ‘राणा के वंशज’ वाली हुंकार के साथ समाजवादी पार्टी ने सत्ता परिवर्तन का संकल्प दोहराया है। राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में संतकबीरनगर के कद्दावर नेता सुनील सिंह ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की और उन्हें एक ‘भाला’ भेंट कर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी। कभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे खास सिपहसालारों और रणनीतिकारों में शुमार रहे सुनील सिंह अब सपा के खेमे में अपनी बेबाक और स्पष्ट बयानबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। इस अवसर पर सुनील सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता के मद में चूर भारतीय जनता पार्टी का खात्मा अब तय है और यह भाला उसी अंत का प्रतीक बनेगा। भाला स्वीकार करते हुए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी आक्रामक रुख अपनाया और दोटूक शब्दों में कहा कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ अब यह भाला चलेगा, जो प्रदेश के पीड़ित, दुखी और अपमानित लोगों को न्याय दिलाने का काम करेगा। पूर्वांचल की राजनीति में मजबूत पैठ रखने वाले सुनील सिंह का यह कदम और अखिलेश यादव का उसे न्याय के अस्त्र के रूप में स्वीकार करना, आगामी राजनैतिक संघर्ष के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। “द्वंद्व कहाँ तक पाला जाए, युद्ध कहाँ तक टाला जाए, तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहाँ तक भाला जाए” की पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए सपा ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में वे अन्याय के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। मीडिया की सुर्खियों में बने रहने वाले सुनील सिंह के इस दांव ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है जिसे 2027 के महासंग्राम की निर्णायक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।