संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के ग्राम बढ़या में ढाई वर्ष पूर्व हुए हृदयविदारक हत्याकांड में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी पिता को उम्रकैद की सजा दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव के अनुसार सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने आरोपी सई मोहम्मद को अपनी पत्नी महीरा खातून की निर्मम हत्या और बेटे इसरार पर जानलेवा हमला करने का दोषी पाया। अदालत ने दोषी पर आजीवन कारावास के साथ 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार दोषी सई मोहम्मद का अपनी पत्नी के साथ पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा था। घटना की रात 6 जुलाई 2023 को जब पूरा परिवार खाना खाकर सो गया था, तब रात करीब 1:00 बजे सई मोहम्मद ने खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। उसने सबसे पहले घर के मुख्य दरवाजे का चैनल बाहर से बंद कर दिया ताकि कोई बाहर न निकल सके और फिर घर में रखे फावड़े से सो रही पत्नी और छोटे बेटे के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में महीरा खातून की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा इसरार गंभीर रूप से घायल हो गया। चश्मदीद बेटी सालेहा के शोर मचाने और दरवाजा तोड़कर बाहर निकलने के बाद ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया था।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 साक्षियों को पेश किया गया। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि दोषी के अपने ही बच्चों—बेटा, बेटी और बहू—ने अदालत में उसके खिलाफ गवाही दी। चश्मदीद गवाहों के बयानों और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए ढाई साल के भीतर फैसला सुनाया और दोषी को सलाखों के पीछे भेज दिया।