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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है लोकनृत्य और संगीतमयी नृत्य नाटिका ने बांधा समां, कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक विधायक अंकुर राज तिवारी ने सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण और एकता के योगदान पर डाला प्रकाश सीडीओ जयकेश त्रिपाठी रहे विशिष्ट अतिथि, देवी प्रसाद त्रिपाठी के संयोजन में हुआ भव्य आयोजन खलीलाबाद, संतकबीरनगर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के प्रायोजन में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में कृष्णा पैलेस, खलीलाबाद में पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीतमयी नृत्य नाटिका का भव्य आयोजन किया गया। रंग, राग और लोक संस्कृति से सजे इस कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रस्तुतियों के माध्यम से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व, राष्ट्रप्रेम और देश की एकता-अखंडता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का आयोजन जनता ग्रामीण सेवा संस्थान के तत्वावधान में किया गया। संस्थान के अध्यक्ष देवी प्रसाद त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में विधायक अंकुर राज तिवारी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन और राष्ट्रनिर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण के प्रतीक थे। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। सीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने भी सरदार पटेल के विचारों और उनके आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीतमयी नृत्य नाटिका आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। कलाकारों ने अपनी शानदार कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता, लोक परंपराओं और राष्ट्रप्रेम की भावना को मंच पर जीवंत कर दिया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. अमरनाथ पाण्डेय ने किया। समारोह में डॉ सुधांशु मिश्र, सुदर्शन प्रसाद त्रिपाठी , गिरिवर पटेल रिटायर्ड तहसीलदार, संत चौधरी, समाजसेवी महेश शुक्ला, सभासद प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, विनय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। आयोजक देवी प्रसाद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय लोक संस्कृति और राष्ट्र के महान नायकों की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। समारोह ने जहां दर्शकों को लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत से रूबरू कराया, वहीं सरदार पटेल के जीवन से राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का सशक्त संदेश भी दिया।

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर खलीलाबाद में गूंजी राष्ट्रएकता की गाथा

लोकनृत्य और संगीतमयी नृत्य नाटिका ने बांधा समां, कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक

विधायक अंकुर राज तिवारी ने सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण और एकता के योगदान पर डाला प्रकाश

सीडीओ जयकेश त्रिपाठी रहे विशिष्ट अतिथि, देवी प्रसाद त्रिपाठी के संयोजन में हुआ भव्य आयोजन

खलीलाबाद, संतकबीरनगर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के प्रायोजन में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में कृष्णा पैलेस, खलीलाबाद में पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीतमयी नृत्य नाटिका का भव्य आयोजन किया गया। रंग, राग और लोक संस्कृति से सजे इस कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रस्तुतियों के माध्यम से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व, राष्ट्रप्रेम और देश की एकता-अखंडता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का आयोजन जनता ग्रामीण सेवा संस्थान के तत्वावधान में किया गया। संस्थान के अध्यक्ष देवी प्रसाद त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में विधायक अंकुर राज तिवारी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन और राष्ट्रनिर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण के प्रतीक थे। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
सीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने भी सरदार पटेल के विचारों और उनके आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीतमयी नृत्य नाटिका आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। कलाकारों ने अपनी शानदार कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता, लोक परंपराओं और राष्ट्रप्रेम की भावना को मंच पर जीवंत कर दिया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. अमरनाथ पाण्डेय ने किया।

समारोह में डॉ सुधांशु मिश्र, सुदर्शन प्रसाद त्रिपाठी , गिरिवर पटेल रिटायर्ड तहसीलदार, संत चौधरी, समाजसेवी महेश शुक्ला, सभासद प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, विनय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे।
आयोजक देवी प्रसाद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय लोक संस्कृति और राष्ट्र के महान नायकों की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। समारोह ने जहां दर्शकों को लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत से रूबरू कराया, वहीं सरदार पटेल के जीवन से राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का सशक्त संदेश भी दिया।

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