संतकबीरनगर। कहते हैं कि जो अपनी जड़ों और मिट्टी से सच्चा प्रेम करता है, वही समाज को सही मायने में दिशा और संबल दे पाता है। इसी कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है क्षेत्र के सम्मानित चिकित्सक डॉ निकुंज नाथ श्रीवास्तव “बेचैन” और उनके दूरदर्शी सोंच के धनी पुत्र डॉ चित्रसेन श्रीवास्तव ने। अपनी माटी का कर्ज चुकाते हुए उन्होंने संतकबीरनगर और समूचे बस्ती मंडल के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात दी है।
अक्सर देखा गया है कि बड़े शहरों में स्वास्थ्य की आधुनिक सुविधाएं सुलभ होती हैं, लेकिन ग्रामीण अंचलों में स्थिति विपरीत रहती है। गांव-देहात के किसी व्यक्ति को जब दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ता है, तो परिजनों को उसे बचाने के लिए 100 से 150 किलोमीटर दूर भागना पड़ता है। इस आपाधापी और लंबी दूरी को तय करने में कई बार अनमोल जिंदगियां सही समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ देती हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के इसी दर्द और असहायता को गहराई से महसूस करते हुए, डॉ बेचैन और चित्रसेन संतकबीरनगर के बंधवा स्थित शंभूनाथ मेमोरियल हॉस्पिटल में एक अत्याधुनिक कैथ लैब (Cath Lab) की सौगात लेकर आए हैं। यह केवल चिकित्सा उपकरणों का एक समूह भर नहीं है, बल्कि यह संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर जिले के लाखों परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
अब स्थानीय लोगों को हार्ट अटैक, एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी गंभीर और जीवनरक्षक प्रक्रियाओं के लिए लखनऊ या गोरखपुर के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। बाहर जाकर उच्च शिक्षा और सफलता हासिल करने के बावजूद अपनी मिट्टी को न भूलने की इस सोच ने सिद्ध कर दिया है कि अगर दिल में अपने गांव-जवार के प्रति संवेदना हो, तो इतिहास बनते देर नहीं लगती।