संतकबीरनगर। बखिरा के अमरडोभा में 18 सितंबर की रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए बवाल की तपिश अब थाने से निकलकर सियासी गलियारों तक पहुंच गई है।
सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की गाड़ी पर पथराव के मामले में सपा सांसद की तहरीर पर उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, वहीं दलित युवक विशाल कुमार की तहरीर पर सांसद समेत अन्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होने के बाद सांसद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
सांसद ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को “फर्जी” बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। उनका दावा है कि जिस युवक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ, वह घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं था। सांसद ने पुलिस और प्रशासन द्वारा कराई गई वीडियोग्राफी को जांच का आधार बनाने की मांग की है।
सांसद का कहना है कि “वीडियो फुटेज देख लीजिए, सच्चाई सामने आ जाएगी।” उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबीआई अथवा पूर्व न्यायाधीश की कमेटी से कराने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो मुकदमे से उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।
वहीं अपनी गाड़ी पर हुए पथराव को लेकर सांसद ने कहा कि वे वाहन के भीतर बैठे थे और उनकी ओर ईंट-पत्थर फेंके गए। उन्होंने आरोप लगाया कि “नेताओं के इशारे पर मेरी हत्या कराने की साजिश हो रही है।” सांसद ने मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाने और लोकसभा में जांच की मांग करने की बात कही है।
अब पूरे प्रकरण में निगाहें पुलिस जांच और वीडियोग्राफी पर हैं। कौन घटना स्थल पर था, किसने पथराव किया और किस आधार पर मुकदमे दर्ज हुए—इन सवालों के जवाब जांच की दिशा तय करेंगे।