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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है मेंहदावल। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के सांथा विकास खंड के धोबहा गांव में बीते दिन सरयू नहर धोबहा गांव के पास लकड़ी के बने पुल टूट जाने के कारण लगभग आधा दर्जन गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है, जिससे उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही इस पुल के टूट जाने की खबर तहसील से लेकर जिले के अधिकारियों के संज्ञान में है, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुधि नहीं ले रहा है। यहां आसपास के लोगों को चार पहिया, दो पहिया साईकिल या पैदल आने-जाने वाले राहगीरों को चार किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि हर चुनाव में यहां पक्का पुल बनने का पुल बनाने का वादा ही रह जा रहा है। इसके पहले ग्रामीणों ने किसी तरह चन्दे के पैसों से लकडी का पुल बनाया था, आखिर वह भी टूट गया। ग्रामीण पानी में चल कर किसी तरह से बड़ी नहर को पार करते हैं तथा कुछ लोग रास्ता बदलकर लंबी दूरी चलके अपनी जरूरत को पूरी कर रहे हैं, पुल मौजूद न होने के कारण भटौरा, तरैना, करमा, करहीं, देवकली, धोबहा समेत अनेक गांव के लोगों को सांथा व बेलहर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण सईदुर्हमान अंसारी का कहना है कि लकडी के पुल के सहारे किसी तरह से आवागमन चल रहा था वह भी टूट, तबसे किसी अधिकारी और जनप्रतिनिधि की नजर नहीं पड़ रहा है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। पूर्व प्रधान धीरज़ चौधरी ने बताया कि पिछले सात वर्षों से जनप्रतिनिधि सरयू नहर पर पक्के पुल निर्माण कार्य का दावा ठोक रहे थे, जिसमें अभीतक योजना अमल में नहीं आ सकी। अब यहां के ग्रामीण काफी समय से परेशान हो रहे हैं अनिल कुमार का कहना है कि लकडी के पुल का यहा के लोगों के द्वारा निर्माण किया गया था वह भी टूट जाने के कारण बडी दुर्गति झेलनी पड़ रही है मारुफ अहमद ने बताया कि खेती किसानी का समय चल रहा है, पुल टुट जाने से किसान अपनी फसल को लाने ले जाने में। परेशान का सामना कर रहे हैं।

संतकबीरनगर-लकड़ी का बना पुल टूटा,छः गांवों का आवागमन हुआ बाधित

मेंहदावल। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के सांथा विकास खंड के धोबहा गांव में बीते दिन सरयू नहर धोबहा गांव के पास लकड़ी के बने पुल टूट जाने के कारण लगभग आधा दर्जन गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है, जिससे उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही इस पुल के टूट जाने की खबर तहसील से लेकर जिले के अधिकारियों के संज्ञान में है, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुधि नहीं ले रहा है। यहां आसपास के लोगों को चार पहिया, दो पहिया साईकिल या पैदल आने-जाने वाले राहगीरों को चार किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि हर चुनाव में यहां पक्का पुल बनने का पुल बनाने का वादा ही रह जा रहा है। इसके पहले ग्रामीणों ने किसी तरह चन्दे के पैसों से लकडी का पुल बनाया था, आखिर वह भी टूट गया। ग्रामीण पानी में चल कर किसी तरह से बड़ी नहर को पार करते हैं तथा कुछ लोग रास्ता बदलकर लंबी दूरी चलके अपनी जरूरत को पूरी कर रहे हैं, पुल मौजूद न होने के कारण भटौरा, तरैना, करमा, करहीं, देवकली, धोबहा समेत अनेक गांव के लोगों को सांथा व बेलहर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण सईदुर्हमान अंसारी का कहना है कि लकडी के पुल के सहारे किसी तरह से आवागमन चल रहा था वह भी टूट, तबसे किसी अधिकारी और जनप्रतिनिधि की नजर नहीं पड़ रहा है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। पूर्व प्रधान धीरज़ चौधरी ने बताया कि पिछले सात वर्षों से जनप्रतिनिधि सरयू नहर पर पक्के पुल निर्माण कार्य का दावा ठोक रहे थे, जिसमें अभीतक योजना अमल में नहीं आ सकी। अब यहां के ग्रामीण काफी समय से परेशान हो रहे हैं अनिल कुमार का कहना है कि लकडी के पुल का यहा के लोगों के द्वारा निर्माण किया गया था वह भी टूट जाने के कारण बडी दुर्गति झेलनी पड़ रही है मारुफ अहमद ने बताया कि खेती किसानी का समय चल रहा है, पुल टुट जाने से किसान अपनी फसल को लाने ले जाने में। परेशान का सामना कर रहे हैं।

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