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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   मेंहदावल। निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में चुनाव कराने के लिए प्रशासन तैयारी कर रहा है। हालत यह है कि दावेदारों में मतदाताओं को लुभाने के लिए उपहार बाटने और दावत देने की होड़ मची है। जबकि निकाय चुनाव की तारीख का कुछ पता नही है। निकाय चुनाव की तिथि भले ही निर्धारित न हुई हो। न ही आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो लेकिन चुनावी मैदान में संभावित दावेदार ने ताल ठोकना शुरू कर दिया है। दावेदार अभी से चुनाव का परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए वह सब कुछ कर गुजरने के लिए बेताब है। धनबल और बाहुबल प्रत्याशी इसे सुनहरा अवसर मान रहे है। इनका मानना है कि चुनाव आचार संहिता लगने से पूर्व माहौल को अपने पक्ष में करने का यह सुनहरा मौका है। हालत यह कि चेयरमैन प्रत्याशी पूरे नगर में और सभासद उम्मीदवार अपने वार्ड में बैनर पोस्टर लगाव चुके है। साथ ही लंबी काफिले के साथ क्षेत्र में प्रचार करने जा रहे है। यही नही प्रचार के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा जमकर लिया जा रहा है। चुनाव परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए कई कई दावेदार किसी के दुःख को अपना दुःख बता कर परिवार को ढांढस बंधा रहे है तो कोई आर्थिक मदद कर करीबी होने का एहसास करा रहा है। कुछ दावेदार पेंशन और आवास दिलाने का वादा कर रहे है। विवाह का सीजन होने की वजह से आर्थिक मदद भी हो रही है। दावेदार क्षेत्र में हो रहे धार्मिक कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने के साथ ही सहयोग राशि भी दे रहे है।

संतकबीरनगर-निकाय चुनाव तिथि घोषित नहीं-: मतदाताओं को रिझाने के लिए अपनाएं जा रहे हर फंडे

 

मेंहदावल। निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में चुनाव कराने के लिए प्रशासन तैयारी कर रहा है। हालत यह है कि दावेदारों में मतदाताओं को लुभाने के लिए उपहार बाटने और दावत देने की होड़ मची है। जबकि निकाय चुनाव की तारीख का कुछ पता नही है। निकाय चुनाव की तिथि भले ही निर्धारित न हुई हो। न ही आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो लेकिन चुनावी मैदान में संभावित दावेदार ने ताल ठोकना शुरू कर दिया है। दावेदार अभी से चुनाव का परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए वह सब कुछ कर गुजरने के लिए बेताब है। धनबल और बाहुबल प्रत्याशी इसे सुनहरा अवसर मान रहे है। इनका मानना है कि चुनाव आचार संहिता लगने से पूर्व माहौल को अपने पक्ष में करने का यह सुनहरा मौका है। हालत यह कि चेयरमैन प्रत्याशी पूरे नगर में और सभासद उम्मीदवार अपने वार्ड में बैनर पोस्टर लगाव चुके है। साथ ही लंबी काफिले के साथ क्षेत्र में प्रचार करने जा रहे है। यही नही प्रचार के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा जमकर लिया जा रहा है। चुनाव परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए कई कई दावेदार किसी के दुःख को अपना दुःख बता कर परिवार को ढांढस बंधा रहे है तो कोई आर्थिक मदद कर करीबी होने का एहसास करा रहा है। कुछ दावेदार पेंशन और आवास दिलाने का वादा कर रहे है। विवाह का सीजन होने की वजह से आर्थिक मदद भी हो रही है। दावेदार क्षेत्र में हो रहे धार्मिक कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने के साथ ही सहयोग राशि भी दे रहे है।

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