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संतकबीरनगर - जिले के बघौली/मगहर क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर रवि यादव ने विद्युत विभाग का एक बार फिर मान बढ़ाया है। विभाग और जेई रवि यादव के प्रति जनता के विश्वास की एक बानगी उस वक्त देखने को मिली जब जेई रवि यादव की सार्थक पहल और बिजलेंस प्रभारी राजेश यादव,जेई विक्रांत सिंह की मौजूदगी में बघौली क्षेत्र के बंधवा गांव के 70 ग्रामीण उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर में विश्वास व्यक्त करते हुए अपने अपने घरों पर स्मार्ट मीटर लगवाया।
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जूनियर इंजीनियर रवि यादव द्वारा की गई एक विशेष पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। तकनीकी बदलावों को लेकर अक्सर जनता के बीच रहने वाली आशंकाओं को दूर करते हुए जेई रवि यादव ने अपनी टीम के साथ एक सघन जन-संपर्क अभियान चलाया, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि बघौली क्षेत्र के बंधवा गांव में 70 उपभोक्ताओं ने एक ही दिन में स्वेच्छा से अपने परिसरों पर स्मार्ट मीटर लगवाए। यह अभियान केवल मीटर लगाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी को रोकना और बिलिंग प्रणाली में मानवीय त्रुटियों को शून्य करना था।
जेई रवि यादव ने घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को यह समझाया कि स्मार्ट मीटर किसी भी तरह से बिजली की खपत को बढ़ाते नहीं हैं, बल्कि यह वास्तविक खपत का सटीक विवरण देते हैं। उन्होंने लोगों को जागरूक किया कि इस तकनीक के माध्यम से उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप पर ही प्रतिदिन की बिजली खपत देख सकते हैं, जिससे उन्हें महीने के अंत में आने वाले भारी बिल के झटके से मुक्ति मिलेगी। इस संवाद का असर इतना गहरा रहा कि जो लोग पहले स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे थे, उन्होंने न केवल इसे अपनाने पर सहमति दी बल्कि अन्य पड़ोसियों को भी इसके लाभ बताए।
क्षेत्र के निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर विभाग के अधिकारी केवल नोटिस देने आते हैं, लेकिन पहली बार किसी अधिकारी ने जमीन पर उतरकर तकनीकी बारीकियों को साझा किया है। रवि यादव ने मौके पर ही अपनी देखरेख में मीटरों का इंस्टॉलेशन सुनिश्चित कराया और टीम को निर्देश दिए कि किसी भी उपभोक्ता को भविष्य में रीडिंग या नेटवर्क से जुड़ी समस्या न आए। विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी इस सफलता को एक मॉडल के रूप में देखा है, जिससे यह सिद्ध होता है कि यदि अधिकारी और जनता के बीच सीधा संवाद हो, तो किसी भी सरकारी योजना का क्रियान्वयन सुगम हो जाता है। यह पहल न केवल राजस्व की हानि को रोकने में सहायक होगी, बल्कि विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी।

जेई रवि यादव की सार्थक पहल : 70 उपभोक्ताओं ने लगवाए स्मार्ट मीटर

संतकबीरनगर – जिले के बघौली/मगहर क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर रवि यादव ने विद्युत विभाग का एक बार फिर मान बढ़ाया है। विभाग और जेई रवि यादव के प्रति जनता के विश्वास की एक बानगी उस वक्त देखने को मिली जब जेई रवि यादव की सार्थक पहल और बिजलेंस प्रभारी राजेश यादव,जेई विक्रांत सिंह की मौजूदगी में बघौली क्षेत्र के बंधवा गांव के 70 ग्रामीण उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर में विश्वास व्यक्त करते हुए अपने अपने घरों पर स्मार्ट मीटर लगवाया।
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जूनियर इंजीनियर रवि यादव द्वारा की गई एक विशेष पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। तकनीकी बदलावों को लेकर अक्सर जनता के बीच रहने वाली आशंकाओं को दूर करते हुए जेई रवि यादव ने अपनी टीम के साथ एक सघन जन-संपर्क अभियान चलाया, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि बघौली क्षेत्र के बंधवा गांव में 70 उपभोक्ताओं ने एक ही दिन में स्वेच्छा से अपने परिसरों पर स्मार्ट मीटर लगवाए। यह अभियान केवल मीटर लगाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी को रोकना और बिलिंग प्रणाली में मानवीय त्रुटियों को शून्य करना था।
जेई रवि यादव ने घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को यह समझाया कि स्मार्ट मीटर किसी भी तरह से बिजली की खपत को बढ़ाते नहीं हैं, बल्कि यह वास्तविक खपत का सटीक विवरण देते हैं। उन्होंने लोगों को जागरूक किया कि इस तकनीक के माध्यम से उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप पर ही प्रतिदिन की बिजली खपत देख सकते हैं, जिससे उन्हें महीने के अंत में आने वाले भारी बिल के झटके से मुक्ति मिलेगी। इस संवाद का असर इतना गहरा रहा कि जो लोग पहले स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे थे, उन्होंने न केवल इसे अपनाने पर सहमति दी बल्कि अन्य पड़ोसियों को भी इसके लाभ बताए।
क्षेत्र के निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर विभाग के अधिकारी केवल नोटिस देने आते हैं, लेकिन पहली बार किसी अधिकारी ने जमीन पर उतरकर तकनीकी बारीकियों को साझा किया है। रवि यादव ने मौके पर ही अपनी देखरेख में मीटरों का इंस्टॉलेशन सुनिश्चित कराया और टीम को निर्देश दिए कि किसी भी उपभोक्ता को भविष्य में रीडिंग या नेटवर्क से जुड़ी समस्या न आए। विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी इस सफलता को एक मॉडल के रूप में देखा है, जिससे यह सिद्ध होता है कि यदि अधिकारी और जनता के बीच सीधा संवाद हो, तो किसी भी सरकारी योजना का क्रियान्वयन सुगम हो जाता है। यह पहल न केवल राजस्व की हानि को रोकने में सहायक होगी, बल्कि विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी।

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