संतकबीरनगर – नगर निकाय के आरक्षण के बाद संभावित उम्मीदवारों को लेकर भाजपा हाईकमान क्या सोंचती हैँ ? ये भविष्य के गर्भ मे छुपा है। पर बीजेपी को फर्श से अर्श तक पहुंचाने वाले इस बार के चुनाव मे टिकट की मांग कर रहें है, जो जायज़ भी है। कभी सत्ता की सुख से दूर रही भाजपा रूपी राजनैतिक दल को सींचने वाले लोग आज पार्टी से निष्ठा का इनाम प्राप्त करना चाहते हैं।
बात नगर पंचायत् मेंहदावल की करते हैं जहाँ के उमाशंकर सिंह पुत्र स्व. इंद्र बहादुर सिंह पार्टी के बड़े दावेदार के रूप मे उभरे है। वर्ष 1955 मे जन्मे उमाशंकर सिंह मूलत: वार्ड न.-13 सोनबरसा के रहने वाले हैं। स्नातक पास उमाशंकर सिंह को राज्य व केंद्र स्तर की तमाम नौकरियों का अवसर भी प्राप्त हुआ पर उन्होंने संघ और भाजपा की सेवा हेतु खुद के उज्ज्वल भविष्य को दांव पर लगा दिया। सामजिक सेवा के साथ साल 1967 मे बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने वाले उमाशंकर सिंह अपने वार्ड से जहाँ दो बार सदस्य चुने गये वहीं यदि उनके राजनैतिक काल की बात की जाय तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम वर्ष OTC बी.एस.एस.डी. कालेज कानपुर से करने के साथ 1972 में भारतीय जनसंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में प्रतिभाग कर उन्होंने 1974 में किसान डिग्री कालेज बस्ती में छात्र संघ के चुनाव में मंत्री पद प्राप्त किया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मेहदावल नगर अध्यक्ष पद पर रहते हुये उन्होंने पार्टी की सेवा की। माननीय अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश में गेहूं की लेबी के विरोध में धरना प्रदर्शन करते हुए उन्होंने लखनऊ विधानसभा के सामने धरना देते हुए गिरफ्तारी दी और नैनी जेल गये। जिसमें स्व. श्री चन्द्रशेखर सिंह व स्व. श्री चंद्रभान राय इत्यादि लोग मौजूद थे। वहीं रामजन्म भूमि के लिए आंदोलन करते हुए उमाशंकर ने जेल भरो आंदोलन में भाग लिया और खैर इंटर कालेज बस्ती में 15 दिन निरुद्ध रहे। मेहदावल विधानसभा क्षेत्र के लिए लगातार 8 बार सेमरियावां ब्लाक का जो भी अल्पसंख्यक बाहुल्य है, उसके प्रभारी बनाये गये श्री सिंह ने चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए चुनाव में श्री मेजर रणजीत सिंह को लोकसभा मे भेजा फिर अष्टभुजा जी को MP बनाया, इंद्रजीत मिश्र की जीत मे अहम भूमिका अदा करने वाले उमाशंकर सिंह मौजूदा समय मे अत्यंत ही मजबूत दावेदार के रूप मे सामने है जिनपर यदि पार्टी दाव लगाए तो परिणाम जीत के रूप मे मिलेगा।