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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर। जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह के निर्देशन में अपर जिला जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विकास गोस्वामी की अध्यक्षता में ब्लूमिंग बड्स एकेडमी में बालिकाओं के जन्म और शिक्षा के अधिकारों के संबंध में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विकास गोस्वामी ने विधिकारी देते हुए बताया कि दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान्प्रवर्धयन्। यत्फलं लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया।। अर्थात अकेली कन्या ही 10 पुत्रों के समान है, 10 पुत्रों के लालन-पालन से जो फल प्राप्त होता है वह अकेले कन्या के पोषण से ही प्राप्त हो जाता है। अपर जिला जज ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अधिकार, शिक्षा का अधिकार, अपमानजनक परिवार के सदस्यों के खिलाफ अधिकार, स्त्रीधन का अधिकार, संपत्ति का अधिकार, बाल विवाह के विरुद्ध अधिकार, यौन उत्पीड़न के खिलाफ, अधिकार कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार, गर्भपात का अधिकार समेत कई विषयों पर विधिक जानकारी दी। उन्होंने ने बताया कि देश के कई हिस्सों में अभी भी लड़की के जन्म का स्वागत नहीं किया जाता है कहा जाता है कि भारत में गर्व से लेकर कब्र तक की लड़की के साथ भेदभाव किया जाता है संभावना है कि उसके लिंग के कारण जब उसके स्वास्थ्य, कल्याण, शिक्षा, अवसरों की बात आती है तो उसे उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया की कोई भीं कन्या यदि किसी प्रकार के विधिक सहायता चाहती हैं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संत कबीर नगर में अपनी समस्या से अवगत करा सकती हैं जिसकी पूर्ण समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर तहसीलदार शेख आलमगीर, प्रिंसिपल शैलेश त्रिपाठी समेत अन्य शिक्षक, शिक्षिकाएं तथा बालिकाएं आदि उपस्थित रहीं।

संतकबीरनगर-ब्लूमिंग बड्स स्कूल में बालिकाओं के जन्म और शिक्षा के अधिकारों के संबंध में आयोजित हुआ विधिक शिविर

संतकबीरनगर। जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह के निर्देशन में अपर जिला जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विकास गोस्वामी की अध्यक्षता में ब्लूमिंग बड्स एकेडमी में बालिकाओं के जन्म और शिक्षा के अधिकारों के संबंध में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विकास गोस्वामी ने विधिकारी देते हुए बताया कि दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान्प्रवर्धयन्। यत्फलं लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया।। अर्थात अकेली कन्या ही 10 पुत्रों के समान है, 10 पुत्रों के लालन-पालन से जो फल प्राप्त होता है वह अकेले कन्या के पोषण से ही प्राप्त हो जाता है। अपर जिला जज ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अधिकार, शिक्षा का अधिकार, अपमानजनक परिवार के सदस्यों के खिलाफ अधिकार, स्त्रीधन का अधिकार, संपत्ति का अधिकार, बाल विवाह के विरुद्ध अधिकार, यौन उत्पीड़न के खिलाफ, अधिकार कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार, गर्भपात का अधिकार समेत कई विषयों पर विधिक जानकारी दी। उन्होंने ने बताया कि देश के कई हिस्सों में अभी भी लड़की के जन्म का स्वागत नहीं किया जाता है कहा जाता है कि भारत में गर्व से लेकर कब्र तक की लड़की के साथ भेदभाव किया जाता है संभावना है कि उसके लिंग के कारण जब उसके स्वास्थ्य, कल्याण, शिक्षा, अवसरों की बात आती है तो उसे उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया की कोई भीं कन्या यदि किसी प्रकार के विधिक सहायता चाहती हैं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संत कबीर नगर में अपनी समस्या से अवगत करा सकती हैं जिसकी पूर्ण समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर तहसीलदार शेख आलमगीर, प्रिंसिपल शैलेश त्रिपाठी समेत अन्य शिक्षक, शिक्षिकाएं तथा बालिकाएं आदि उपस्थित रहीं।

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