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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर-मारपीट की घटना में शामिल अभियुक्तों को हुई सजा   संतकबीरनगर। जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि मेहदावल थाना अंतर्गत सीयर निवासी दिनेश चंद्र ने थाना मेहदावल में प्रार्थना पत्र दिया कि गत 10, अगस्त, 2013 को समय 8.00 बजे शाम को वह अपनी दुकान जो टड़वरिया चैराहे पर था। उसे बंद करके अपने घर जा रहे थे कि घर से करीब 100 कदम पहले बीमापर गांव में अभीनेश, अखिलेश, अनूप और अयोध्या जो उनके गांव के रहने वाले थे। उन्हें रोक लिया और पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें गाली ,गुप्ता देते हुए लाठी ,डंडा से मारने लगे। हल्ला गुहार पर उनके भाई शैलेंद्र कुमार उन्हें बचाने आए तो उपरोक्त लोग उन्हें भी लाठी डंडा से मारने लगे। गवाह विनोद, देवता जो उनके गांव के रहने वाले थे आ गए तथा आसपास के लोग आ गए जो घटना को देखें और बीच बचाव किए तब अभियुक्तगण जान से मार डालने की धमकी देते हुए चले गए। अभियुक्तगण के मारने से उन्हें तथा उनके भाई को कई जगह चोट आ गई तथा चोटों का डॉक्टरी मुआयना कराया गया जिसमें फ्रैक्चर आया था। दौरान विचारण अखिलेश की मृत्य हो गई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से सात साक्षियों का साक्ष्य कराया गया। जिसमें सभी साक्षियों ने अभियोजन कथानक की पुष्टि की जिसके आधार पर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने अभिनेष व अनूप को तीन वर्ष कारावास व पांच हजार जुर्माना तथा अयोध्या को दो वर्ष के प्रोबेशन पर रहने का आदेश दिए। जुर्माना न अदा करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

संतकबीरनगर-मारपीट की घटना में शामिल अभियुक्तों को हुई सजा

संतकबीरनगर-मारपीट की घटना में शामिल अभियुक्तों को हुई सजा

 

संतकबीरनगर। जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि मेहदावल थाना अंतर्गत सीयर निवासी दिनेश चंद्र ने थाना मेहदावल में प्रार्थना पत्र दिया कि गत 10, अगस्त, 2013 को समय 8.00 बजे शाम को वह अपनी दुकान जो टड़वरिया चैराहे पर था। उसे बंद करके अपने घर जा रहे थे कि घर से करीब 100 कदम पहले बीमापर गांव में अभीनेश, अखिलेश, अनूप और अयोध्या जो उनके गांव के रहने वाले थे। उन्हें रोक लिया और पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें गाली ,गुप्ता देते हुए लाठी ,डंडा से मारने लगे। हल्ला गुहार पर उनके भाई शैलेंद्र कुमार उन्हें बचाने आए तो उपरोक्त लोग उन्हें भी लाठी डंडा से मारने लगे। गवाह विनोद, देवता जो उनके गांव के रहने वाले थे आ गए तथा आसपास के लोग आ गए जो घटना को देखें और बीच बचाव किए तब अभियुक्तगण जान से मार डालने की धमकी देते हुए चले गए। अभियुक्तगण के मारने से उन्हें तथा उनके भाई को कई जगह चोट आ गई तथा चोटों का डॉक्टरी मुआयना कराया गया जिसमें फ्रैक्चर आया था। दौरान विचारण अखिलेश की मृत्य हो गई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से सात साक्षियों का साक्ष्य कराया गया। जिसमें सभी साक्षियों ने अभियोजन कथानक की पुष्टि की जिसके आधार पर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने अभिनेष व अनूप को तीन वर्ष कारावास व पांच हजार जुर्माना तथा अयोध्या को दो वर्ष के प्रोबेशन पर रहने का आदेश दिए। जुर्माना न अदा करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

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