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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है ट्रेन की चपेट मे आने से 20 वार्षिय युवक की मौत_रिपोर्ट -प्रदीप अग्रहरी कांटे /संत कबीर नगर - कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के कांटे चौकी अंतर्गत चुरेब स्टेशन से कुछ दुरी पर पटरी संख्या 547 पे एक 20 वार्षिय युवक ट्रेन की चपेट मे गया जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई विकास निषाद पुत्र रामभवन निषाद 20 वर्ष निवासी भेलवासी कोतवाली खलीलाबाद के रूप मे पहचान हुई मृतक के पिता रामभवन निषाद ने बताया की सुबह घर से आपने बुआ के घर जा रहा हु बोल कर निकला था पैदल ही जा रहा था रेलवे पटरी पार करते समय हुआ हादसा हुआ घटना रविवार की सुबह 10 बजे की घटना है। रेलवे पुलिस ने लास को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक विकास आपने 3 भाइयो मे दूसरे नंबर का था इसका बड़ा भाई आकाश और छोटा भाई कमल तीनो अभी पढ़ाई करते करते विकास अभी क्लास 9 पढ़ रहा था जिसके पिता मजदूरी करके पढ़ाते थे विकास को बाहर जाकर 2 पैसा कमाने की ललक थी जो कई बार अपने पिता से कह रहा था पिता ने कहा की हाई स्कुल की पढ़ाई पूरा हो जाने के बाद मै भेज दूंगा घर मे रामभवन निषाद अकेले कमाने वाले है जो मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरते थे और साथ मे तीनो बच्चों को पढ़ाते थे।

ट्रेन की चपेट मे आने से 20 वार्षिय युवक की मौत_रिपोर्ट -प्रदीप अग्रहरी

ट्रेन की चपेट मे आने से 20 वार्षिय युवक की मौत_रिपोर्ट -प्रदीप अग्रहरी

कांटे /संत कबीर नगर – कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के कांटे चौकी अंतर्गत चुरेब स्टेशन से कुछ दुरी पर पटरी संख्या 547 पे एक 20 वार्षिय युवक ट्रेन की चपेट मे गया जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई विकास निषाद पुत्र रामभवन निषाद 20 वर्ष निवासी भेलवासी कोतवाली खलीलाबाद के रूप मे पहचान हुई मृतक के पिता रामभवन निषाद ने बताया की सुबह घर से आपने बुआ के घर जा रहा हु बोल कर निकला था पैदल ही जा रहा था रेलवे पटरी पार करते समय हुआ हादसा हुआ घटना रविवार की सुबह 10 बजे की घटना है। रेलवे पुलिस ने लास को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक विकास आपने 3 भाइयो मे दूसरे नंबर का था इसका बड़ा भाई आकाश और छोटा भाई कमल तीनो अभी पढ़ाई करते करते विकास अभी क्लास 9 पढ़ रहा था जिसके पिता मजदूरी करके पढ़ाते थे विकास को बाहर जाकर 2 पैसा कमाने की ललक थी जो कई बार अपने पिता से कह रहा था पिता ने कहा की हाई स्कुल की पढ़ाई पूरा हो जाने के बाद मै भेज दूंगा घर मे रामभवन निषाद अकेले कमाने वाले है जो मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरते थे और साथ मे तीनो बच्चों को पढ़ाते थे।

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