Time in United States now
सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है     98 प्रकरणों पर दो दिन में होगा फैसला संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अंतर्गत गठित जिला संचालन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत लंबित कुल 106 प्रकरणों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए 106 प्रकरणों में से, 4 प्रकरणों को चार्जशीट में अपराध का विलोपन होने के कारण निरस्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, समिति ने पूर्व में स्वीकृत 4 ऐसे प्रकरणों को भी निरस्त करने का निर्णय लिया जिनमें पीड़िताओं का निधन हो चुका था। शेष बचे 98 प्रकरणों के संबंध में, जिलाधिकारी आलोक कुमार ने समिति के अध्यक्ष और सदस्य, संयुक्त निदेशक अभियोजन, तथा नोडल पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी तथ्यों पर गंभीरता से विचार करते हुए दो दिनों के भीतर इन प्रकरणों को पुनः समिति के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि उन पर अंतिम निर्णय लिया जा सके। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन अजीत सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी चंद्रशेखर यादव, और जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम की अध्यक्षता में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना की हुई समीक्षा

 

 

98 प्रकरणों पर दो दिन में होगा फैसला

संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अंतर्गत गठित जिला संचालन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत लंबित कुल 106 प्रकरणों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए 106 प्रकरणों में से, 4 प्रकरणों को चार्जशीट में अपराध का विलोपन होने के कारण निरस्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, समिति ने पूर्व में स्वीकृत 4 ऐसे प्रकरणों को भी निरस्त करने का निर्णय लिया जिनमें पीड़िताओं का निधन हो चुका था।
शेष बचे 98 प्रकरणों के संबंध में, जिलाधिकारी आलोक कुमार ने समिति के अध्यक्ष और सदस्य, संयुक्त निदेशक अभियोजन, तथा नोडल पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी तथ्यों पर गंभीरता से विचार करते हुए दो दिनों के भीतर इन प्रकरणों को पुनः समिति के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि उन पर अंतिम निर्णय लिया जा सके।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन अजीत सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी चंद्रशेखर यादव, और जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

error: Content is protected !!