संत कबीर नगर जिला कारागार से आज एक ऐतिहासिक और मार्मिक घटना सामने आई है। लगभग 100 साल के सिद्धदोष बंदी भोला चौधरी को राज्यपाल की दया याचिका के आधार पर समय से पहले रिहा कर दिया गया है। 12 साल जेल में बिताने के बाद आज उन्होंने आजादी की सांस ली।
भोला चौधरी, जो बलिया जिले के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के आमघाट गांव के रहने वाले हैं, उन्हें केस संख्या एस.टी. 235/1978 के तहत धारा 302/149 और 307/149 के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वे 2 अप्रैल 2023 को आजमगढ़ जिला कारागार से संत कबीर नगर की जेल में स्थानांतरित हुए थे।
जेल अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि भोला चौधरी की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी विशेष देखभाल की जा रही थी। उन्हें जेल अस्पताल में रखकर लगातार निगरानी में रखा गया था। जिलाधिकारी ने भोला चौधरी की उम्र को देखते हुए कारागार मुख्यालय को दो बार समय से पहले रिहाई की सिफारिश भेजी थी। आखिरकार, उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल ने उनकी दया याचिका को स्वीकार कर लिया। जिलाधिकारी बलिया के आदेश के बाद आज 1 अगस्त 2025 को भोला चौधरी को रिहा कर दिया गया।