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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर: जिले के धनघटा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपनी दबंगई के बल पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश की अवहेलना करते हुए राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन के लिए लगाए गए सरकारी पत्थरों को रातों-रात उखाड़ दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर कृत्य के बाद भी प्रशासन, विशेषकर एसडीएम ने मामले से पल्ला झाड़ लिया है, जिससे पीड़िता को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है। क्या है पूरा मामला? यह पूरा मामला ग्राम बैकुंठपुर में एक जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा है। ग्राम मुण्डेरा की निवासी शालिनी चौधरी ने बैकुंठपुर में एक जमीन खरीदी थी, जिस पर उनके कुछ पड़ोसियों ने अवैध कब्जा कर लिया था। इंसाफ पाने के लिए शालिनी ने उपजिलाधिकारी, धनघटा के न्यायालय में याचिका दायर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, न्यायालय ने 30 जून 2025 को तहसीलदार को जमीन की पैमाइश करके सरकारी पत्थरों से सीमांकन (पत्थरनसब) करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, 1 अगस्त 2025 को राजस्व विभाग की टीम ने शालिनी चौधरी की जमीन पर चार सरकारी पत्थर गाड़कर सीमांकन किया। अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए शालिनी ने अतिरिक्त खंभे (पिलर) भी लगवाए। सरकारी पत्थरों को उखाड़ा, दी गई थी धमकी पीड़िता शालिनी चौधरी के पति राज चौधरी ने आरोप लगाया है कि सीमांकन के दौरान ही बैकुंठपुर निवासी जयश्री पाण्डेय, दीपू उर्फ दीपनारायण और उनके कुछ साथियों ने उन्हें धमकी दी थी कि वे रात में पत्थरों को उखाड़ देंगे। धमकी के अनुरूप, उसी रात करीब 9 बजे, इन लोगों ने मिलकर सभी सरकारी पत्थरों और शालिनी द्वारा लगाए गए खंभों को जबरन उखाड़ दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने कुछ खंभे चुरा भी लिए। दबंगई के आगे SDM बेबस, पीड़ित ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग इस गंभीर घटना के बाद, जब पीड़ित शालिनी के पति राज चौधरी ने उपजिलाधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने की बजाय मामले से पल्ला झाड़ लिया। इससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी आदेशों का कोई महत्व नहीं है? क्या दबंगई के आगे प्रशासन भी बेबस है? अपनी हार न मानते हुए शालिनी चौधरी के पति राज चौधरी ने थाना धनघटा में एक प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें उन्होंने जयश्री पाण्डेय, दीपू उर्फ दीपनारायण और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना सरकारी आदेश की खुली अवहेलना और भूमि पर अवैध कब्जा करने के प्रयास को दर्शाती है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाएगा पीड़ित चूंकि स्थानीय प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली इसलिए पीड़िता शालिनी चौधरी अब अपने पति राज चौधरी के साथ सोमवार को जिले के सबसे बड़े अधिकारी जिलाधिकारी से इंसाफ की गुहार लगाने का फैसला किया है।ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सरकारी आदेशों का सम्मान बहाल हो सके।

सरकारी आदेश को ठेंगा, दबंग महिला ने उखाड़े सरकारी पत्थर; SDM ने साधी चुप्पी

संतकबीरनगर: जिले के धनघटा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपनी दबंगई के बल पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश की अवहेलना करते हुए राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन के लिए लगाए गए सरकारी पत्थरों को रातों-रात उखाड़ दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर कृत्य के बाद भी प्रशासन, विशेषकर एसडीएम ने मामले से पल्ला झाड़ लिया है, जिससे पीड़िता को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है।


क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला ग्राम बैकुंठपुर में एक जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा है। ग्राम मुण्डेरा की निवासी शालिनी चौधरी ने बैकुंठपुर में एक जमीन खरीदी थी, जिस पर उनके कुछ पड़ोसियों ने अवैध कब्जा कर लिया था। इंसाफ पाने के लिए शालिनी ने उपजिलाधिकारी, धनघटा के न्यायालय में याचिका दायर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, न्यायालय ने 30 जून 2025 को तहसीलदार को जमीन की पैमाइश करके सरकारी पत्थरों से सीमांकन (पत्थरनसब) करने का आदेश दिया।
न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, 1 अगस्त 2025 को राजस्व विभाग की टीम ने शालिनी चौधरी की जमीन पर चार सरकारी पत्थर गाड़कर सीमांकन किया। अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए शालिनी ने अतिरिक्त खंभे (पिलर) भी लगवाए।
सरकारी पत्थरों को उखाड़ा, दी गई थी धमकी
पीड़िता शालिनी चौधरी के पति राज चौधरी ने आरोप लगाया है कि सीमांकन के दौरान ही बैकुंठपुर निवासी जयश्री पाण्डेय, दीपू उर्फ दीपनारायण और उनके कुछ साथियों ने उन्हें धमकी दी थी कि वे रात में पत्थरों को उखाड़ देंगे। धमकी के अनुरूप, उसी रात करीब 9 बजे, इन लोगों ने मिलकर सभी सरकारी पत्थरों और शालिनी द्वारा लगाए गए खंभों को जबरन उखाड़ दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने कुछ खंभे चुरा भी लिए।
दबंगई के आगे SDM बेबस, पीड़ित ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग
इस गंभीर घटना के बाद, जब पीड़ित शालिनी के पति राज चौधरी ने उपजिलाधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने की बजाय मामले से पल्ला झाड़ लिया। इससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी आदेशों का कोई महत्व नहीं है? क्या दबंगई के आगे प्रशासन भी बेबस है?
अपनी हार न मानते हुए शालिनी चौधरी के पति राज चौधरी ने थाना धनघटा में एक प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें उन्होंने जयश्री पाण्डेय, दीपू उर्फ दीपनारायण और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना सरकारी आदेश की खुली अवहेलना और भूमि पर अवैध कब्जा करने के प्रयास को दर्शाती है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाएगा पीड़ित
चूंकि स्थानीय प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली इसलिए पीड़िता शालिनी चौधरी अब अपने पति राज चौधरी के साथ सोमवार को जिले के सबसे बड़े अधिकारी जिलाधिकारी से इंसाफ की गुहार लगाने का फैसला किया है।ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सरकारी आदेशों का सम्मान बहाल हो सके।

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