संत कबीर नगर: जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सिलसिलेवार ढंग से चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग के सदस्य बलजीत यादव को अदालत से बड़ा झटका लगा है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के बखिरा और बेलहर थाना क्षेत्रों में पिछले दिनों बड़े पैमाने पर चोरियां हुई थीं। इन वारदातों ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। मामले में मुख्य रूप से तीन बड़ी शिकायतें दर्ज थीं जिनमें बखिरा (लडुआ महुआ) की शिवकुमारी के घर से सोने के जेवर और नकदी की चोरी। वहीं बखिरा (सिहोरवा) के रहने वाले अविनाश तिवारी के घर से जेवरात समेत ₹1,23,000 की बड़ी चोरी हुई थी जबकि बेलहर कला के इसहाक के घर में घुसकर जेवर और नकदी चोरी हुई थी। इन सभी मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में थाना गीडा गोरखपुर के बोकटा निवासी बलजीत यादव पुत्र पूरनमल यादव उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से चोरी का माल भी बरामद किया था।
आरोपी बलजीत यादव ने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए गुहार लगाई थी। जमानत का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने दमदार तर्क रखे। अपने तर्क में उन्होंने कहा कि चोरी के सामान सीधे आरोपी के कब्जे से बरामद हुआ है, जो उसके अपराध में संलिप्तता का ठोस प्रमाण है। आरोपी केवल संत कबीर नगर ही नहीं, बल्कि गोरखपुर जनपद में भी कई गंभीर मामलों में वांछित रहा है। गैंग बनाकर चोरी करना समाज के लिए एक गंभीर खतरा है।
प्रभारी सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आरोपी बलजीत यादव की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया।