संतकबीरनगर। प्रगति सेवा संस्थान के तत्वाधान में रविवार (12 जुलाई 2026) को सेमरियावां विकास खण्ड के अहमद शिक्षण संस्थान छाता में ‘ड्रग मुक्त जन अभियान’ के तहत एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिसोदिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में तिलजा और बजहरा न्याय पंचायत के अंतर्गत आने वाले दो दर्जन से अधिक गांवों के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने समाज को नशा मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और यूथ आइकन अवार्डी प्रदीप सिसोदिया ने समाज में तेजी से पैर पसार रही नशाखोरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के साथ-साथ युवतियां भी इसकी चपेट में आ रही हैं, जिससे घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं, चोरी और देह व्यापार जैसे गंभीर अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी समस्या कितनी भी बड़ी हो, नशा उसका विकल्प नहीं हो सकता। आज लोग हर समस्या के लिए सरकार को जिम्मेदार मानते हैं, जबकि हकीकत यह है कि नशा सरकार के सख्त कानूनों से नहीं, बल्कि परिवार में दिए जाने वाले अच्छे संस्कारों और दृढ़ इच्छाशक्ति से समाप्त होगा।
ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि भारत में आधुनिक शराब लाइसेंस प्रणाली की जड़ें ब्रिटिश काल और मुगल काल (1613 ई. में जहाँगीर द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को दिए गए पहले लाइसेंस) से जुड़ी हैं, जिसे आज भी राज्य स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने समाज से अपील की कि नशे के कारोबार को पूरी तरह ठप करने के लिए आधुनिक ताकतों, जैसे सोशल मीडिया और जन अभियानों का सहारा लें और ऐसे तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करें। साथ ही, उन्होंने सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए किसी भी प्रकार के सहयोग व मानसिक परेशानी के लिए टोल-फ्री नंबर 14414 पर संपर्क करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर अहमद शिक्षण संस्थान की 10वीं की छात्रा गायत्री चौहान ने उपस्थित सभी लोगों को जीवन भर नशीले पदार्थों से दूर रहने, परिवार व समाज को जागरूक करने और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में भागीदारी की निष्ठापूर्वक शपथ दिलाई। प्रदीप सिसोदिया के आह्वान पर सभी ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर “हमें गर्व है कि मेरा परिवार नशा मुक्त है” का स्टीकर लगाने का संकल्प लिया। बैठक में 200 से अधिक लोगों ने सहभागिता कर इस मुहिम को अनवरत जारी रखने का आश्वासन दिया।