जिला जज रणधीर सिंह की अगुवाई में रोपे गए 100 जीवन-दायिनी पौधे!
संतकबीरनगर: जनपद न्यायालय परिसर में उस वक्त पर्यावरण और संवेदनाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिला जब एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत महा- पौधारोपण का शंखनाद हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह के ओजस्वी और गरिमामयी नेतृत्व में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम की शुरुआत स्वयं जिला जज ने अपनी पूज्य माता जी के नाम पर एक पौधा रोपित कर की। इस भावुक और गौरवमयी पल में उन्होंने दिल को छू लेने वाली बात कही कि माँ सृजन का जीवंत प्रतीक है और वृक्ष इस सृष्टि के सृजन का अटूट आधार इसलिए माँ के नाम पर वृक्षारोपण करना जीवन का सबसे पवित्र अनुष्ठान है। उनकी इस मार्मिक अपील ने वहाँ मौजूद हर शख्स के भीतर पर्यावरण संरक्षण की एक नई अलख जगा दी जिससे पूरा परिसर धरती माँ और जन्म देने वाली माँ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
जनपद न्यायालय की चौखट से निकली यह हरी- भरी क्रांति इतनी असरदार रही कि प्रधान न्यायाधीश नासिर अहमद, स्पेशल जज पॉक्सो श्रीकृष्ण कुमार पंचम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती चेतना त्यागी, एसीजेएम संजय राज पांडेय, सचिव सुनील कुमार सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीजन अशोक कसौधन, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय चंदन सिंह सहित मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राकेश बिहारी शुक्ला, केन्द्रीय नाजिर ब्रजेश सिंह, अनिल विश्वकर्मा, देवकीनंदन पटेल, संतोष यादव, दीपक द्विवेदी, अनुराग सिंह, बृजेश यादव, आनंद भारती, परमजीत, सर्वजीत, राम भवन चौधरी, अवनीश, शुभम, जय शंकर चन्द्रशेखर यादव व वन विभाग की टीम सहित हर अधिकारी- कर्मचारी ने पूरे उत्साह के साथ इस यज्ञ में अपनी आहुति दी। परिसर की माटी में आम, नीम, पीपल, बरगद, आंवला और गुलमोहर जैसे कुल 100 फलदार एवं छायादार पौधों को इस संकल्प के साथ रोपा गया कि उनकी देखभाल संतान की तरह की जाएगी। हर एक न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी ने धरती को हरा-भरा बनाने का जो जज्बा दिखाया उसने इस सरकारी अभियान को एक जन-उत्सव में बदल दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से ली गई उस गगनभेदी पर्यावरण शपथ के साथ हुआ जिसने आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की एक मजबूत नींव रख दी है।

