संतकबीरनगर- जिले के सबसे बड़े ब्लॉक क्षेत्र सेमरियावां के ग्राम पंचायत खम्भरिया के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विकास चौधरी एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। पत्रकार से कथित मारपीट, अभद्रता और मोबाइल छीनने के आरोपों से उठे विवाद की आग अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि ग्राम पंचायत डारीडीहा में मनरेगा कार्यों को लेकर दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र ने पूरे मामले में नया विस्फोट कर दिया है। शिकायत में फर्जी मस्टररोल, फर्जी हाजिरी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों के नाम पर कागजों में मजदूरों की संख्या बढ़ाकर सरकारी धन के इस्तेमाल का खेल किया जा रहा है। 
खुदाई कार्य में करीब 103 मजदूरों के नाम पर 14 दिन का मस्टररोल संचालित किए जाने का आरोप है। सवाल सीधा है—अगर कागजों में दर्ज मजदूरों की संख्या और वास्तविक मजदूरों की मौजूदगी में अंतर है, तो आखिर सरकारी धन किसकी जेब में जा रहा है?
उधर पत्रकार प्रकरण ने विकास चौधरी की कथित दबंग छवि को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि खबर के बाद पत्रकार को बुलाया गया, उसके साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की गई तथा मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने का प्रयास किया गया। जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ने मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने बहाउ स्वीट हाउस के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग कर घटना की सच्चाई सामने लाने पर जोर दिया है।
अब मामला सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं दिख रहा। एक तरफ पत्रकार सुरक्षा पर सवाल, दूसरी तरफ सरकारी योजनाओं में कथित गड़बड़ी के आरोप—विकास चौधरी के खिलाफ उठती शिकायतों ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। हालांकि आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल इस पूरे प्रकरण ने इलाके की सियासत और प्रशासनिक हलकों में खलबली जरूर मचा दी है।