संतकबीरनगर। शिक्षा विभाग में नियमों और व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवालों का तूफान उठ खड़ा हुआ है। सेमरियावां, मेंहदावल और हैंसर-पौली ब्लॉक के शिक्षकों का आरोप है कि 10 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद मिलने वाले चयन वेतनमान के तहत 4200 से 4600 ग्रेड पे का लाभ अब तक उन्हें नहीं मिल सका है। जबकि खलीलाबाद, बघौली, बेलहर कला, सांथा और नाथनगर ब्लॉक के शिक्षकों को इसका लाभ मिलने की बात सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि करीब 15 हजार शिक्षकों की नियुक्ति एक साथ 2 जुलाई 2016 को हुई थी। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि समान नियुक्ति और समान सेवा अवधि के बावजूद कुछ ब्लॉकों में लाभ मिला तो कुछ शिक्षक अब भी इंतजार क्यों कर रहे हैं?
नाम न छापने की शर्त पर कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से काम कराने के एवज में कथित तौर पर अनुचित मांग की जाती है। शिक्षकों का दावा है कि मांग पूरी न होने पर उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ाई जा रहीं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब शिक्षकों की निगाहें विभागीय अधिकारियों पर टिकी हैं। सवाल सिर्फ ग्रेड पे का नहीं, बल्कि नियम एक और व्यवस्था अलग-अलग क्यों? का है। यदि आरोप निराधार हैं तो विभाग स्थिति स्पष्ट करे और यदि कहीं अनियमितता है तो जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।