गोरखपुर। सिविल कोर्ट गोरखपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे राजकुमार यादव के लिए यह गर्व का क्षण है। उनके बेटे अभिजीत कुमार यादव और बेटी अंशिता यादव ने पीएचडी की उपाधि हासिल कर परिवार के साथ-साथ अपने माता-पिता का नाम भी रोशन किया है। दोनों ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त कर सफलता में एक और अध्याय जोड़ दिया।
पीएचडी में स्वर्णिम सफलता, बहन-भाई ने बढ़ाया परिवार का मान
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित शोधार्थी सम्मान समारोह-2026 में पीएचडी की उपाधि हासिल करने वाले शोधार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह में राजनीति विज्ञान विभाग के शोधार्थी बहन-भाई अंशिता यादव और अभिजीत कुमार यादव ने उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए गोल्ड मेडल प्राप्त कर परिवार और गुरुजनों का मान बढ़ाया।
अंशिता यादव ने अपने शोध में “उत्तर प्रदेश में मानवाधिकार की स्थिति का विश्लेषणात्मक अध्ययन : गोरखपुर जनपद के विशेष संदर्भ में (सन 2000 से 2020 तक)” विषय पर शोध किया। यह शोध प्रोफेसर दर्शना श्रीवास्तव के निर्देशन में पूरा हुआ। वहीं अभिजीत कुमार यादव ने “भारत में समान नागरिक संहिता की प्रासंगिकता : समकालीन भारतीय राजनीति एवं विधि व्यवस्था के संदर्भ में” विषय पर शोध कार्य किया। उनका शोध प्रोफेसर रूसी राम महानंद के निर्देशन में पूर्ण हुआ।
सिविल कोर्ट गोरखपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं दोनों के पिता राजकुमार यादव ने बच्चों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, “बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से हमें ही नहीं, पूरे परिवार को गर्व है।”
शोधार्थी अंशिता और अभिजीत ने कहा कि पीएचडी की राह आसान नहीं थी। शोध के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन गुरुजनों के मार्गदर्शन, परिजनों के सहयोग और निरंतर प्रयास से वे लक्ष्य तक पहुंच सके। दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और शोध निर्देशकों को दिया।
दोनों शोधार्थियों ने युवाओं से अपील की कि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में निष्ठा, एकाग्रता और उच्च दृष्टिकोण के साथ निरंतर प्रयास किया जाए। उनका कहना है कि कठिन लक्ष्य भी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से हासिल किए जा सकते हैं।
