सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   सेमरियावां(संतकबीरनगर)। शनिवार को सेमरियावां स्थित ब्लाक कांग्रेस कार्यालय पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। इस दौरान राष्ट्रपिता के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। सेमरियावां ब्लाक कांग्रेस कार्यालय पर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मुहम्मद अकरम नज़ीर की अध्यक्षता में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुहम्मद नज़ीर ने कहा कि भारत एवं स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे। उनके इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धांत पर रखी गई थी। जिसने भारत को भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि 1921 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बागडोर संभालने के बाद उन्होंने देशभर में दरिद्रता से मुक्ति दिलाने, महिलाओं के अधिकारों का विस्तार, धार्मिक एवं जातीय एकता का निर्माण व आत्मनिर्भरता के लिये अस्पृश्‍यता के विरोध में अनेकों कार्यक्रम चलाये। इन सबमें विदेशी राज से मुक्ति दिलाने वाला स्वराज की प्राप्ति वाला कार्यक्रम ही प्रमुख था। गाँधी जी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीयों पर लगाये गये लवण कर के विरोध में 1930 में नमक सत्याग्रह और इसके बाद 1942 में अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन से विशेष विख्याति प्राप्त की। दक्षिण अफ्रीका और भारत में विभिन्न अवसरों पर कई वर्षों तक उन्हें कारागृह में भी रहना पड़ा। इस मौके पर परवेज अख्तर, इसार अहमद, अकरम जमील, सुभाष, जुल्फेकार अहमद भुट्टो, इश्तियाक अहमद, तफसीर अहमद, नूरूल हसन, सैयद शफीकुर्रहमान, मुहम्मद अशरफ, अतीक अहमद, शमसुद्दीन आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।     PUBLISH BY-MOHD ADNAN DURRANI

संतकबीरनगर-ब्लाक कांग्रेस कार्यालय पर मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती_रिपोर्ट-मुहम्मद परवेज अख्तर

 

सेमरियावां(संतकबीरनगर)।
शनिवार को सेमरियावां स्थित ब्लाक कांग्रेस कार्यालय पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। इस दौरान राष्ट्रपिता के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
सेमरियावां ब्लाक कांग्रेस कार्यालय पर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मुहम्मद अकरम नज़ीर की अध्यक्षता में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुहम्मद नज़ीर ने कहा कि भारत एवं स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे। उनके इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धांत पर रखी गई थी। जिसने भारत को भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि 1921 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बागडोर संभालने के बाद उन्होंने देशभर में दरिद्रता से मुक्ति दिलाने, महिलाओं के अधिकारों का विस्तार, धार्मिक एवं जातीय एकता का निर्माण व आत्मनिर्भरता के लिये अस्पृश्‍यता के विरोध में अनेकों कार्यक्रम चलाये। इन सबमें विदेशी राज से मुक्ति दिलाने वाला स्वराज की प्राप्ति वाला कार्यक्रम ही प्रमुख था। गाँधी जी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीयों पर लगाये गये लवण कर के विरोध में 1930 में नमक सत्याग्रह और इसके बाद 1942 में अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन से विशेष विख्याति प्राप्त की। दक्षिण अफ्रीका और भारत में विभिन्न अवसरों पर कई वर्षों तक उन्हें कारागृह में भी रहना पड़ा। इस मौके पर परवेज अख्तर, इसार अहमद, अकरम जमील, सुभाष, जुल्फेकार अहमद भुट्टो, इश्तियाक अहमद, तफसीर अहमद, नूरूल हसन, सैयद शफीकुर्रहमान, मुहम्मद अशरफ, अतीक अहमद, शमसुद्दीन आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

 

 

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