सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है झाँसीी-राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी तथा देश के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर प्रगतिरथ संस्था के कार्यालय में उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए पुण्य आत्माओं के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई, संस्था के संस्थापक विजय चौहान द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। इस दौरान संस्था की सचिव डॉ० संध्या चौहान ने कहा "दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल" महात्मा गाँधी ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये उन्होंने दुनिया को दिखाया किस तरह सत्याग्रह कर बिना हथियार उठाये भी जीत हासिल की जा सकती है पूरा देश उन्हें राष्ट्रपिता कहकर पुकारता है निश्चित ही उनका व्यवहार सभी के लिए पिता समान रहा होगा इसीलिये उन्हें यह उपाधि दी गयी है। देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म भी आज के ही दिन हुआ था आज देश को दो महापुरुष मिलना इस दिन की विशेषता को दर्शाता है। लाल बहादुर शास्त्री बहुत ही ईमानदार जनप्रतिनिधि थे उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में किसी भी अधिकार का दुरुपयोग नहीं किया उन्होंने सत्यनिष्ठा के साथ अपना जीवन व्यतीत किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विजय चौहान एवं संस्था से वीना, सना, सुमित कुमार, सत्य सिंह, नीरज अहिरवार, विनोद कुमार सरगम, आदि उपस्थित रहे। संस्था के सदस्यों ने सभी देशवासियों को गाँधी जयंती एवं शास्त्री जयंती की शुभकामनायें प्रेषित की।     PUBLISH BY-MOHD ADNAN DURRANI

झांसी-प्रगतिरथ संस्था द्वारा मनाई गई महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती_रिपोर्ट-विवेक राजपूत 

झाँसीी-राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी तथा देश के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर प्रगतिरथ संस्था के कार्यालय में उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए पुण्य आत्माओं के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई, संस्था के संस्थापक विजय चौहान द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। इस दौरान संस्था की सचिव डॉ० संध्या चौहान ने कहा “दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल” महात्मा गाँधी ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये उन्होंने दुनिया को दिखाया किस तरह सत्याग्रह कर बिना हथियार उठाये भी जीत हासिल की जा सकती है पूरा देश उन्हें राष्ट्रपिता कहकर पुकारता है निश्चित ही उनका व्यवहार सभी के लिए पिता समान रहा होगा इसीलिये उन्हें यह उपाधि दी गयी है। देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म भी आज के ही दिन हुआ था आज देश को दो महापुरुष मिलना इस दिन की विशेषता को दर्शाता है। लाल बहादुर शास्त्री बहुत ही ईमानदार जनप्रतिनिधि थे उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में किसी भी अधिकार का दुरुपयोग नहीं किया उन्होंने सत्यनिष्ठा के साथ अपना जीवन व्यतीत किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विजय चौहान एवं संस्था से वीना, सना, सुमित कुमार, सत्य सिंह, नीरज अहिरवार, विनोद कुमार सरगम, आदि उपस्थित रहे। संस्था के सदस्यों ने सभी देशवासियों को गाँधी जयंती एवं शास्त्री जयंती की शुभकामनायें प्रेषित की।

 

 

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