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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर-पुलिस लाईन में आयोजित हुई बीएलएस.कार्यशाला   संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी लाइन राजीव कुमार यादव के पर्यवेक्षण में रिजर्व पुलिस लाइन में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बी0एल0एस0) के कार्याशाल का आयोजित किया गया। कार्यशाला में संयुक्त जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ0 संतोष कुमार त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन में नियुक्त पुलिस कर्मियों को सीपीआर प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गयी। चिकित्सक द्वारा जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर देता है तो उसे कार्डियक अरेस्ट कहते है, उस दौरान मरीज को कार्डियोपल्मोनरी रिससटेशन (सीपीआर) आपातकालीन प्रक्रिया द्वारा मरीज की जान बचाने में मदद कर सकती है। चिकित्सक द्वारा बताया गया कि कोई भी व्यक्ति अगर सही तरीका जानता हो तो वह सीपीआर दे सकता है, सीपीआर देने के दौरान अपने दोनों हाथों की मदद से मरीज के छाती के बीच में जोर से और तेजी से पुश करना होता है, हर एक पुश के बाद छाती को वापस अपनी सामान्य स्थिति में आने दे। सीपीआर की इस विधि को “हैंड्स-ओ” कहा जाता है। कार्यशाला के दौरान प्रभारी प्रतिसार निरीक्षक उ0नि0श0पु0 अजय कुमार सिंह सहित लाइन में नियुक्त समस्त पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।

संतकबीरनगर-पुलिस लाईन में आयोजित हुई बीएलएस.कार्यशाला 

संतकबीरनगर-पुलिस लाईन में आयोजित हुई बीएलएस.कार्यशाला

 

संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी लाइन राजीव कुमार यादव के पर्यवेक्षण में रिजर्व पुलिस लाइन में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बी0एल0एस0) के कार्याशाल का आयोजित किया गया। कार्यशाला में संयुक्त जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ0 संतोष कुमार त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन में नियुक्त पुलिस कर्मियों को सीपीआर प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गयी। चिकित्सक द्वारा जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर देता है तो उसे कार्डियक अरेस्ट कहते है, उस दौरान मरीज को कार्डियोपल्मोनरी रिससटेशन (सीपीआर) आपातकालीन प्रक्रिया द्वारा मरीज की जान बचाने में मदद कर सकती है। चिकित्सक द्वारा बताया गया कि कोई भी व्यक्ति अगर सही तरीका जानता हो तो वह सीपीआर दे सकता है, सीपीआर देने के दौरान अपने दोनों हाथों की मदद से मरीज के छाती के बीच में जोर से और तेजी से पुश करना होता है, हर एक पुश के बाद छाती को वापस अपनी सामान्य स्थिति में आने दे। सीपीआर की इस विधि को “हैंड्स-ओ” कहा जाता है। कार्यशाला के दौरान प्रभारी प्रतिसार निरीक्षक उ0नि0श0पु0 अजय कुमार सिंह सहित लाइन में नियुक्त समस्त पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।

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