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परीक्षा में 31 वीं रैंक पाकर नायब तहसीलदार बने रत्नेश यादव......
संत कबीर नगर - "पूत के पांव पालने में दिख जातें हैं" इस कहावत को सच साबित करते हुए एक गांव के होनहार युवक ने प्रतिष्ठित यूपीपीएससी की परीक्षा में बाजी मारते हुए अपने माता पिता, गांव क्षेत्र और जिले का मान बढ़ाया है।
[caption id="attachment_20193" align="alignnone" width="226"] रत्नेश यादव -उत्तीर्ण अभ्यर्थी -यूपीएससी परीक्षा 2022 (फाइल फोटो)[/caption] बात यूपी के संत कबीर नगर जिले की करते हैं जहां के धनघटा तहसील क्षेत्र के नोक्ता गांव के रहने वाले अति मेधावी छात्र रत्नेश पुत्र राम कृपाल यादव ने यूपीपीएससी 2022 की परीक्षा में 31वीं रैंक पाते हुए नायब तहसीलदार पद पर सफलता पाई है। नोकता गांव के इस होनहार की सफलता की बात जब उनके पिता रिटायर्ड कर्मी राम कृपाल यादव को पता चली तो उनके आंखों में खुशी के आंसू थे। बेटे की सफलता से गदगद एक पिता के जब सपने साकार हुए तब उन्होंने ईश्वर को धन्यवाद देते हुए सभी को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। रत्नेश की सफलता की जानकारी होने पर उनके बाल सखा तथा समाजवादी पार्टी के नेता रामा यादव नोकता गांव उनके घर पहुंच कर सभी को मिठाई खिलाकर मित्र की सफलता की खुशियां मनाई। प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर करने वाले रत्नेश ने बुधिराजी देवी बृजलाल यादव उच्च माध्यमिक विद्यालय तिन्हरी नाथनगर से हाईस्कूल तो पथिक इंटर कालेज सुकरौली से इंटर मिडियट की। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने जयराम पट्टी स्थित समय जी डिग्री कालेज से पूरी करने के बाद सिविल परीक्षा की तैयारियो में जुट गए। साथ ही इग्नू से हिंदी साहित्य से परास्नातक की डिग्री हासिल करते हुए परीक्षा की तैयारियों में जुटे रहे। शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी कठिन परिश्रम के बदौलत उन्होंने वर्ष 2022 की यूपीपीएससी परीक्षा में बाजी मारते हुए नायब तहसीलदार के पद पर जब चयनित हुए तब परिवार, और मित्रों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सफलता के झंडे गाड़कर क्षेत्र और जनपद के साथ गुरुओं और माता पिता के साथ मित्रों का मान बढ़ाने वाले रत्नेश यादव के मित्र सपा नेता रामा यादव ने रत्नेश की सफलता का श्रेय उनकी काबिलियत, उनकी मेहनत और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को देते हुए कहा कि मित्र रत्नेश बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी थे, उनके बारे में हम सभी यही ख्याल रखते थे कि एक न एक दिन रत्नेश कोई ऊंचा मुकाम जरूर हासिल करेगा और आज हम लोगो का यह ख्याल हकीकत में बदल गया। आज हम सब बहुत प्रसन्न है और यही ईश्वर से प्रार्थना करते है कि रत्नेश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल हो।

रत्नेश” ने बढ़ाया जिले का मान, UPPSC परीक्षा में हुआ चयन

परीक्षा में 31 वीं रैंक पाकर नायब तहसीलदार बने रत्नेश यादव……
संत कबीर नगर – “पूत के पांव पालने में दिख जातें हैं” इस कहावत को सच साबित करते हुए एक गांव के होनहार युवक ने प्रतिष्ठित यूपीपीएससी की परीक्षा में बाजी मारते हुए अपने माता पिता, गांव क्षेत्र और जिले का मान बढ़ाया है।
रत्नेश यादव -उत्तीर्ण अभ्यर्थी -यूपीएससी परीक्षा 2022 (फाइल फोटो)

बात यूपी के संत कबीर नगर जिले की करते हैं जहां के धनघटा तहसील क्षेत्र के नोक्ता गांव के रहने वाले अति मेधावी छात्र रत्नेश पुत्र राम कृपाल यादव ने यूपीपीएससी 2022 की परीक्षा में 31वीं रैंक पाते हुए नायब तहसीलदार पद पर सफलता पाई है। नोकता गांव के इस होनहार की सफलता की बात जब उनके पिता रिटायर्ड कर्मी राम कृपाल यादव को पता चली तो उनके आंखों में खुशी के आंसू थे। बेटे की सफलता से गदगद एक पिता के जब सपने साकार हुए तब उन्होंने ईश्वर को धन्यवाद देते हुए सभी को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। रत्नेश की सफलता की जानकारी होने पर उनके बाल सखा तथा समाजवादी पार्टी के नेता रामा यादव नोकता गांव उनके घर पहुंच कर सभी को मिठाई खिलाकर मित्र की सफलता की खुशियां मनाई। प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर करने वाले रत्नेश ने बुधिराजी देवी बृजलाल यादव उच्च माध्यमिक विद्यालय तिन्हरी नाथनगर से हाईस्कूल तो पथिक इंटर कालेज सुकरौली से इंटर मिडियट की। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने जयराम पट्टी स्थित समय जी डिग्री कालेज से पूरी करने के बाद सिविल परीक्षा की तैयारियो में जुट गए। साथ ही इग्नू से हिंदी साहित्य से परास्नातक की डिग्री हासिल करते हुए परीक्षा की तैयारियों में जुटे रहे। शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी कठिन परिश्रम के बदौलत उन्होंने वर्ष 2022 की यूपीपीएससी परीक्षा में बाजी मारते हुए नायब तहसीलदार के पद पर जब चयनित हुए तब परिवार, और मित्रों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सफलता के झंडे गाड़कर क्षेत्र और जनपद के साथ गुरुओं और माता पिता के साथ मित्रों का मान बढ़ाने वाले रत्नेश यादव के मित्र सपा नेता रामा यादव ने रत्नेश की सफलता का श्रेय उनकी काबिलियत, उनकी मेहनत और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को देते हुए कहा कि मित्र रत्नेश बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी थे, उनके बारे में हम सभी यही ख्याल रखते थे कि एक न एक दिन रत्नेश कोई ऊंचा मुकाम जरूर हासिल करेगा और आज हम लोगो का यह ख्याल हकीकत में बदल गया। आज हम सब बहुत प्रसन्न है और यही ईश्वर से प्रार्थना करते है कि रत्नेश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल हो।

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