Time in United States now
सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है
[caption id="attachment_20203" align="alignnone" width="300"] कोरोना काल में लोगों की मदद से जुड़ी तस्वीर[/caption]
१ से लेकर ३ तक अंडर पास से जुड़ी सफलता की तस्वीरें
संतकबीरनगर - उच्च शिक्षा प्राप्ति के बाद हर युवा का सपना जहां अच्छी नौकरी और लग्जरी जिन्दगी जीने की होती है वही कुछ ऐसे भी युवक है जो उच्च शिक्षा प्राप्ति के बाद नौकरी और लग्जरी जीवन शैली को त्याग कर समाजसेवा के जरिए राजनीति में अपनी पहचान अपना मुकाम बनाने में जुटे है। ऐसा ही एक नाम यूपी के संतकबीर नजर जिले में भी सभी के सामने है, नाम है सुधांशु सिंह- यह नाम उस वक्त लाइम लाइट में आया जब व्यापारियों का एक बड़ा धड़ा अंडर पास की मांग को लेकर धरनारत था। व्यापारियों की इसी मांग की लड़ाई को लेकर युवाओं के एक बड़े जत्थे के साथ धरना प्रदर्शन करने वाले सुधांशु सिंह की मेहनत रंग भी लाई और अंततः अंडर पास निर्माण की मांग पूरी हुई। कंप्यूटर साइंस से बीटेक होल्डर सुधांशु सिंह ने कभी नौकरी को तरजीह नहीं दी, देशी/विदेशी कई कंपनियों के द्वारा मिले बड़े पैकेज के ऑफर को ठुकराकर खुद के व्यवसाय के साथ समाजसेवा को अंगीकार कर सुधांशु सिंह ने समाजसेवा के क्षेत्र में बढ़चढ़ कर योगदान दिया।  इस बार के नगर निकाय चुनाव मे ताल ठोकने वाले सुधांशु सिंह एक ऐसे परिवार से जुड़े है जहां शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति का समागम है। सुधांशु सिंह के पिता जहां शहर के नामी कालेज एच आर आई सी के प्रिंसिपल व रोटरी क्लब के पदाधिकारी होने के साथ भारत तिब्बत समन्वय समिति से जुड़े हुए हैं वहीं इनके चाचा संतोष सिंह भाजपा में बड़े पद पर हैं । खुद सुधांशु सिंह भी भाजपा इकाई के नगर उपाध्यक्ष है। सुधांशु सिंह के लिए एक सबसे मजबूत पक्ष स्थानीय सांसद इंजीनियर प्रवीण निषाद है जो इनके क्लासमेट रह चुके है। मित्र के सांसद बनने से लेकर अब तक उनके साथ परछाईं के समान खड़ा रहने वाले सुधांशु सिंह की राजनैतिक पकड़ उनके दावे को मजबूत करती ही है साथ ही वर्षों से सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों में बढ़ चढ़कर योगदान देने वाले सुधांशु सिंह को लोग उनकी सेवा भाव के लिए भी जानते हैं। कोरोना जैसे मुश्किल हालात में जरूरतमंदों की मदद करने वाले सुधांशु सिंह आज अपनी सेवाभाव और पार्टी के प्रति निष्ठा के एवज में खलीलाबाद नगर पालिका सीट से टिकट की मांग कर रहें हैं।  युवाओं के बीच में लोकप्रिय नेता सुधांशु सिंह सभी के सुख दुःख में समान रूप से सम्मिलित होते है। किसी के साथ किसी प्रकार का कोई भेदभाव नही करते है। संगठन का कोई भी कार्यकर्ता हो किसी भी प्रकार से इन्हे याद करता है तो उसके लिए सदैव उपस्थित रहते है। विगत दिनो कोरोना महामारी का प्रकोप होने पर जहाँ लोग अपने अपने घरों में सिमट गए थे। ऐसे समय में लोगों को राशन दवा आदि पहुँचाने में सुधांशु सिंह सबसे आगे रहें । किसी को ऑक्सीजन दिलवाना या दवा दिलाना ये अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों की मदद किए थे। व्यापारी हितों की एक लंबी लड़ाई और उसमे सफलता पाकर व्यापारियों को अंडर पास की सौगात अपने सांसद मित्र से दिलवाने वाले सुधांशु सिंह को व्यापारी वर्ग भी खासा पसंद कर रहा है। अब ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व क्या फैसला लेगा ये तो वक्त बताएगा लेकिन अपनी मजबूत दावेदारी को लेकर तथा अपने मुद्दों को लेकर सुधांशु सिंह ने सत्यमेव टाइम्स के साथ अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि यदि उन्हे मौका मिला तो रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ खलीलाबाद शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा।उन्होंने कहा कि हर वर्ग के चेहरों पर मुस्कान ला सकूं यही मेरी सोच और नीयत है।

खलीलाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे के साथ “सुधांशु” ने ठोंकी ताल

कोरोना काल में लोगों की मदद से जुड़ी तस्वीर
१ से लेकर ३ तक अंडर पास से जुड़ी सफलता की तस्वीरें
संतकबीरनगर – उच्च शिक्षा प्राप्ति के बाद हर युवा का सपना जहां अच्छी नौकरी और लग्जरी जिन्दगी जीने की होती है वही कुछ ऐसे भी युवक है जो उच्च शिक्षा प्राप्ति के बाद नौकरी और लग्जरी जीवन शैली को त्याग कर समाजसेवा के जरिए राजनीति में अपनी पहचान अपना मुकाम बनाने में जुटे है। ऐसा ही एक नाम यूपी के संतकबीर नजर जिले में भी सभी के सामने है, नाम है सुधांशु सिंह- यह नाम उस वक्त लाइम लाइट में आया जब व्यापारियों का एक बड़ा धड़ा अंडर पास की मांग को लेकर धरनारत था। व्यापारियों की इसी मांग की लड़ाई को लेकर युवाओं के एक बड़े जत्थे के साथ धरना प्रदर्शन करने वाले सुधांशु सिंह की मेहनत रंग भी लाई और अंततः अंडर पास निर्माण की मांग पूरी हुई। कंप्यूटर साइंस से बीटेक होल्डर सुधांशु सिंह ने कभी नौकरी को तरजीह नहीं दी, देशी/विदेशी कई कंपनियों के द्वारा मिले बड़े पैकेज के ऑफर को ठुकराकर खुद के व्यवसाय के साथ समाजसेवा को अंगीकार कर सुधांशु सिंह ने समाजसेवा के क्षेत्र में बढ़चढ़ कर योगदान दिया।  इस बार के नगर निकाय चुनाव मे ताल ठोकने वाले सुधांशु सिंह एक ऐसे परिवार से जुड़े है जहां शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति का समागम है। सुधांशु सिंह के पिता जहां शहर के नामी कालेज एच आर आई सी के प्रिंसिपल व रोटरी क्लब के पदाधिकारी होने के साथ भारत तिब्बत समन्वय समिति से जुड़े हुए हैं वहीं इनके चाचा संतोष सिंह भाजपा में बड़े पद पर हैं । खुद सुधांशु सिंह भी भाजपा इकाई के नगर उपाध्यक्ष है। सुधांशु सिंह के लिए एक सबसे मजबूत पक्ष स्थानीय सांसद इंजीनियर प्रवीण निषाद है जो इनके क्लासमेट रह चुके है। मित्र के सांसद बनने से लेकर अब तक उनके साथ परछाईं के समान खड़ा रहने वाले सुधांशु सिंह की राजनैतिक पकड़ उनके दावे को मजबूत करती ही है साथ ही वर्षों से सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों में बढ़ चढ़कर योगदान देने वाले सुधांशु सिंह को लोग उनकी सेवा भाव के लिए भी जानते हैं। कोरोना जैसे मुश्किल हालात में जरूरतमंदों की मदद करने वाले सुधांशु सिंह आज अपनी सेवाभाव और पार्टी के प्रति निष्ठा के एवज में खलीलाबाद नगर पालिका सीट से टिकट की मांग कर रहें हैं।  युवाओं के बीच में लोकप्रिय नेता सुधांशु सिंह सभी के सुख दुःख में समान रूप से सम्मिलित होते है। किसी के साथ किसी प्रकार का कोई भेदभाव नही करते है। संगठन का कोई भी कार्यकर्ता हो किसी भी प्रकार से इन्हे याद करता है तो उसके लिए सदैव उपस्थित रहते है। विगत दिनो कोरोना महामारी का प्रकोप होने पर जहाँ लोग अपने अपने घरों में सिमट गए थे। ऐसे समय में लोगों को राशन दवा आदि पहुँचाने में सुधांशु सिंह सबसे आगे रहें । किसी को ऑक्सीजन दिलवाना या दवा दिलाना ये अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों की मदद किए थे। व्यापारी हितों की एक लंबी लड़ाई और उसमे सफलता पाकर व्यापारियों को अंडर पास की सौगात अपने सांसद मित्र से दिलवाने वाले सुधांशु सिंह को व्यापारी वर्ग भी खासा पसंद कर रहा है। अब ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व क्या फैसला लेगा ये तो वक्त बताएगा लेकिन अपनी मजबूत दावेदारी को लेकर तथा अपने मुद्दों को लेकर सुधांशु सिंह ने सत्यमेव टाइम्स के साथ अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि यदि उन्हे मौका मिला तो रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ खलीलाबाद शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा।उन्होंने कहा कि हर वर्ग के चेहरों पर मुस्कान ला सकूं यही मेरी सोच और नीयत है।

Leave a Reply

error: Content is protected !!