
संतकबीरनगर जिले के जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज सत्य और अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गॉधी जी की 154वी एवं इमानदारी व सादगी के प्रतिमूर्ति पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की 119वी जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं हर्षाेल्लास के वातावरण मे कलेक्ट्रेट में मनायी गयी।
कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर द्वारा प्रातः 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट के अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों एवं छात्र/छात्राओं के साथ राष्ट्रगान गाते हुए देश की एकता, अखण्डता एवं अहिंसा की शपथ दिलायी।
जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश सहित सभी अधिकारीगणों, कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों एवं अन्य सम्भ्रान्त व्यक्तियों नें महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन करते हुये पुष्प अर्पित किया।
इस अवसर पर कलेक्ट्रट में आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों, समाजसेवियों, पत्रकारों को गांधी जयन्ती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के पावन अवसर पर बधाई एवं उनके पधारने का धन्यवाद ज्ञापित करते हुये जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर नें अपने सम्बोधन में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के सिद्धान्तों एवं आदर्शों के व्यहारिक पक्ष को आत्मसात करना ही उनके प्रति हम सबकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने गांधी जी के अहिंसात्मक नेतृत्व शैली, विचारधारा, सत्यनिष्ठा, देशभक्ति एवं शास्त्री जी के आत्मबल तथा साहस पर प्रकाश डालते हुये उपस्थित लोगों से इन महापुरुषों की जीवन शैली एवं कार्यशैली से सीख लेकर उसे अपनी आदत में सुमार करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी इच्छाशक्ति के धनी थे, विपरित परिस्थितियों में भी इन महापुरूषों ने अपने धैर्य, साहस एवं आत्मबल से देश और समाज को नई दिशा देने, देश के नागरिकों में आत्मनिर्भरता का जज्बा भरने का अनुकरणीय कार्य किया है। इसीलिए आज हम सब उन्हें महापुरुष के रूप में याद करते है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘‘स्वच्छता ही सेवा’’ गॉधी जी की ‘‘स्वच्छता’’ के प्रति सोच का परिणाम है। उन्होंने उपस्थित लोगो से इस अवसर पर गॉधी जी को श्रद्धाजली एवं श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति उकने विचार को साकार किये जाने और उसपर व्यवहारिक रूप से अमल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्वच्छांजली के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरूआत खुद से एवं अपने घर से शुरू होती है, हमसब जिस प्रकार अपने घर साफ सुथरा रखना चाहते है उसी प्रकार अपने गॉव, शहर एवं सार्वजनिक स्थलों को भी स्वच्छ रखने का संकल्प लेना है। जिलाधिकारी ने घर, गॉव एवं शहर से निकलने वाले कूड़ा, कचरा एवं वेस्ट मटेरियल का उचित प्रबन्धन एवं निस्तारण किये जाने के संबध में बारीकी से प्रकाश डाला।