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संतकबीरनगर, 19 जून 2025।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाले अनुपूरक पोषाहार में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों को पोषाहार समेत अन्य लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण (Facial Recognition) कराना अनिवार्य होगा। इस नियम की अनदेखी करने पर 156 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय और पोषाहार रोक दिया गया है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) सत्येंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार, पात्र और वास्तविक लाभार्थियों तक ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए 'पोषण ट्रैकर' ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन मॉड्यूल लागू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 01 जुलाई 2025 से जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण पूरा नहीं होगा, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाला अनुपूरक पोषाहार और अन्य लाभ नहीं मिल पाएंगे।

लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि निर्देशों के बावजूद कार्य में लापरवाही बरतने पर दो ब्लॉकों की कुल 156 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इनमें बाल विकास परियोजना हैसर बाजार की 106 और मेंहदावल की 50 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां शामिल हैं। इन सभी का मानदेय और केंद्रों के लिए जारी होने वाला पोषाहार तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। DPO ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी कार्य में सुधार नहीं होता है, तो इन कार्यकत्रियों को मानदेय सेवा से पृथक करने (सेवा समाप्ति) की कार्रवाई भी की जाएगी।

उच्च स्तर से हो रही है निगरानी, लाभार्थियों से अपील

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शासन स्तर पर प्रमुख सचिव और निदेशक (बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार) तथा जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) द्वारा लगातार की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लापरवाह कार्यकत्रियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करें।

साथ ही, मुख्य विकास अधिकारी ने जिले के सभी आंगनबाड़ी लाभार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी लाभ से वंचित न रहें, इसके लिए जल्द से जल्द अपने संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर कार्यकत्री से संपर्क करें और अपना ई-केवाईसी व चेहरा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करा लें।

पोषाहार चाहिए तो कराएं चेहरा प्रमाणीकरण, लापरवाही पर 156 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर गिरी गाज

संतकबीरनगर, 19 जून 2025।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाले अनुपूरक पोषाहार में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों को पोषाहार समेत अन्य लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण (Facial Recognition) कराना अनिवार्य होगा। इस नियम की अनदेखी करने पर 156 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय और पोषाहार रोक दिया गया है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) सत्येंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार, पात्र और वास्तविक लाभार्थियों तक ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए ‘पोषण ट्रैकर’ ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन मॉड्यूल लागू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 01 जुलाई 2025 से जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण पूरा नहीं होगा, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाला अनुपूरक पोषाहार और अन्य लाभ नहीं मिल पाएंगे।

लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि निर्देशों के बावजूद कार्य में लापरवाही बरतने पर दो ब्लॉकों की कुल 156 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इनमें बाल विकास परियोजना हैसर बाजार की 106 और मेंहदावल की 50 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां शामिल हैं। इन सभी का मानदेय और केंद्रों के लिए जारी होने वाला पोषाहार तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। DPO ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी कार्य में सुधार नहीं होता है, तो इन कार्यकत्रियों को मानदेय सेवा से पृथक करने (सेवा समाप्ति) की कार्रवाई भी की जाएगी।

उच्च स्तर से हो रही है निगरानी, लाभार्थियों से अपील

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शासन स्तर पर प्रमुख सचिव और निदेशक (बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार) तथा जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) द्वारा लगातार की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लापरवाह कार्यकत्रियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करें।

साथ ही, मुख्य विकास अधिकारी ने जिले के सभी आंगनबाड़ी लाभार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी लाभ से वंचित न रहें, इसके लिए जल्द से जल्द अपने संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर कार्यकत्री से संपर्क करें और अपना ई-केवाईसी व चेहरा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करा लें।

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