
जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देशानुसार, जनपद संत कबीर नगर की तीनों तहसीलों – खलीलाबाद, धनघटा और मेहदावल – में बाढ़ से बचाव की तैयारियों का आकलन करने के लिए आज व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में विभिन्न विभागों और आपदा मित्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा जा सके।
खलीलाबाद में आमी नदी पर अभ्यास
तहसील खलीलाबाद के मगहर स्थित आमी नदी के किनारे बाढ़ बचाव मॉकड्रिल का अभ्यास किया गया। इस दौरान नदी में डूबे हुए व्यक्ति को बचाने की सभी प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। राजस्व विभाग, पुलिस, खाद्य एवं रसद, चिकित्सा और अग्निशमन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों ने अपने-अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। इस सफल आयोजन में आपदा मित्रों का सहयोग विशेष रूप से सराहनीय रहा। उप जिलाधिकारी खलीलाबाद अरुण वर्मा और तहसीलदार आनंद कुमार ओझा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी और आपदा मित्र इस अवसर पर उपस्थित रहे।
धनघटा में घाघरा नदी के किनारे मॉकड्रिल
इसी क्रम में, तहसील धनघटा में घाघरा नदी के किनारे ग्राम दौलतपुर में बाढ़ बचाव मॉकड्रिल 2025 का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान, एक नाव से अचानक एक ग्रामीण नदी में गिर गया और डूबने लगा। बचाव दल/PAC की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए RUBRIZED मोटर बोट की सहायता से उस व्यक्ति को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद, 108 एम्बुलेंस की मदद से उसे बाढ़ राहत शिविर/उच्च प्राथमिक विद्यालय औराडाँड़ लाया गया।
इस राहत शिविर में चिकित्सा विभाग के साथ-साथ पशुपालन विभाग, आपूर्ति विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, पंचायती राज विभाग, विकास विभाग, अग्निशमन विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग और विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के कैंप लगाए गए थे। उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार ने इन कैंपों का निरीक्षण कर विभागीय तैयारियों का जायजा लिया। शिविर में रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों का मेडिकल परीक्षण कर आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। साथ ही, स्थापित भोजनालय के माध्यम से सभी प्रभावितों के लिए भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार और तहसीलदार योगेंद्र कुमार पांडेय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी/कर्मचारी और आपदा मित्र इस मॉकड्रिल में मौजूद रहे।
मेहदावल में आपदा प्रबंधन का प्रदर्शन
इंसीडेंट कमांडर/अपर जिलाधिकारी द्वारा दी गई सूचना के क्रम में, ग्राम विशुनपुर कछार में रोड कलवर्ट टूटने के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया गया। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए मौके पर उप जिलाधिकारी मेहदावल, क्षेत्राधिकारी, लोक निर्माण विभाग, बाढ़ खंड, अग्निशामक, चिकित्सा, पशुपालन, खाद्य एवं रसद, विकास विभाग के कर्मी और आपदा मित्र उपस्थित थे।
सड़क बाधित होने के कारण विशुनपुर कछार, तिवारी पुर, जोरवा और बांडुमार सहित चार ग्राम प्रभावित हुए। मौके पर सभी ग्रामों के लोगों को सुरक्षित स्थल पर पहुंचाया गया, लेकिन विशुनपुर कछार के 12 लोग फंसे रह गए थे और सड़क पर आवागमन बाधित हो गया था। शेष 12 लोगों को नाव की सहायता से सुरक्षित स्थल पर पहुंचाकर चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, विशुनपुर कछार की कुल जनसंख्या लगभग 1000 है, जिसमें 650 पुरुष और 350 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 150 वृद्ध, 250 बच्चे, 6 विकलांग और 10 गर्भवती महिलाएं हैं। राहत बचाव का पूरा कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग HD कैमरा और ड्रोन की सहायता से की गई। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मेहदावल संजीव राय, पुलिस क्षेत्राधिकार मेहदावल सर्वदमन सिंह और तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।