संत कबीर नगर: आगामी त्योहारों, जिनमें मोहर्रम, रक्षाबंधन, बेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, और जन्माष्टमी शामिल हैं, तथा विभिन्न परीक्षाओं और धरना-प्रदर्शनों को देखते हुए संत कबीर नगर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट जय प्रकाश द्वारा पारित किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होकर 28 जून 2025 से 26 अगस्त 2025 तक प्रभावी रहेगा।
यह आदेश जनजीवन और संपत्ति को संभावित नुकसान, तथा सामाजिक तनाव और वैमनस्य को रोकने के उद्देश्य से एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है।
मुख्य प्रतिबंधात्मक आदेशों में शामिल हैं:
- जुलूस और सभाओं पर प्रतिबंध: बिना पूर्व अनुमति के पांच या अधिक व्यक्तियों का कोई भी जुलूस, समूह, धरना-प्रदर्शन, घेराव, या रैली नहीं की जा सकेगी। विवाह, उत्सव और शव यात्रा संबंधी जुलूसों के लिए सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
- ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण: धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण (विनिमय एवं नियंत्रण) नियम-200 का पालन अनिवार्य होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग वर्जित रहेगा।
- हथियारों पर रोक: लाठी-डंडे (अंधे और अपाहिज व्यक्तियों तथा सिख धर्म द्वारा रखे जाने वाले कृपाण को छोड़कर), तेज धार वाले चाकू, नुकीले शस्त्र, आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ, तेजाब, और अन्य घातक हथियार लेकर चलना या प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर यह लागू नहीं होगा।
- धार्मिक भावनाओं का सम्मान: कोई भी व्यक्ति एक-दूसरे के धर्म-ग्रंथों का अपमान नहीं करेगा और न ही धार्मिक स्थानों, दीवारों आदि पर धार्मिक झंडे, बैनर, पोस्टर लगाएगा।
- उत्तेजक गतिविधियों पर रोक: किसी भी समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय की भावनाओं के विपरीत कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। उत्तेजनात्मक भाषण या सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहें फैलाना वर्जित है।
- सामग्री एकत्र करने पर प्रतिबंध: खुले स्थानों या छतों पर ईंट, पत्थर, सोडावाटर की बोतल, ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री जमा करना या रखना प्रतिबंधित है।
- आपत्तिजनक मुद्रण पर रोक: सांप्रदायिक तनाव या वैमनस्य उत्पन्न करने वाले किसी भी मुद्रण या प्रकाशन पर प्रतिबंध रहेगा।
- सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार वर्जित: ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग, और सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्रता या मारपीट करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- साइबर कैफे के लिए नियम: साइबर कैफे के संचालकों को बिना विश्वसनीय पहचान प्रमाण के किसी भी अनजान व्यक्ति को सेवा नहीं देनी होगी। आगंतुकों का रजिस्टर रखना और सर्वर डेटा कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
- पतंगबाजी के नियम: धातु के तार या चाइनीज मांझे का विक्रय या उनसे पतंग उड़ाना प्रतिबंधित है, जिससे ट्रांसफार्मर जलने, शॉर्ट सर्किट या शारीरिक क्षति का खतरा हो।
- पुतला दहन और अनधिकृत सभाएं: किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पुतला दहन या शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले आचरण पर रोक रहेगी। बिना अनुमति के सरकारी/गैर-सरकारी भवनों/कार्यालय परिसरों में धरना/सभा/प्रदर्शन/घेराव/आंदो
लन/उपवास नहीं किया जा सकेगा। - सरकारी भवनों पर धार्मिक सामग्री वर्जित: सरकारी भवनों और कार्यालय परिसरों में किसी भी प्रकार के धार्मिक झंडे, बैनर, पोस्टर आदि लगाना प्रतिबंधित है।
- निजी भवनों पर अनुमति आवश्यक: निजी/संगठन/संस्था/ट्रस्ट के भवनों पर धार्मिक झंडे, बैनर, पोस्टर लगाने के लिए स्वामी/अभिरक्षक की लिखित अनुमति आवश्यक होगी।
- होटलों/धर्मशालाओं के लिए निर्देश: सभी होटलों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस के मालिकों को यात्रियों से पहचान पत्र की प्रति लेकर रिकॉर्ड में सुरक्षित रखनी होगी।
- संवेदनशील क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर रोक: अस्पताल, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थान, न्यायालय आदि के 100 मीटर के दायरे में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग वर्जित है।
- परीक्षा केंद्रों पर विशेष नियम: परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में फोटोकॉपियर और स्कैनर का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। सुरक्षाकर्मियों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को परीक्षा स्थल पर हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
इस आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध होगा। आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार नोटिस बोर्ड पर चस्पा करके, स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करके और पुलिस कंट्रोल रूम की गाड़ियों द्वारा स्पीकर से प्रचार करके किया जाएगा।