Time in United States now
सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   संतकबीरनगर- जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण, निगरानी और उन पर कार्यवाही के लिए गठित जनपद स्तरीय उर्वरक समिति और पी.ओ.एस. मशीन संचालन हेतु "डिस्ट्रिक्ट लेवल को-ऑर्डिनेशन कमेटी/डीबीटी वर्किंग ग्रुप" की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बैठक में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। सहकारी और निजी क्षेत्रों में कुल 16730 मीट्रिक टन यूरिया, 2586 मीट्रिक टन डी.ए.पी., 388 मीट्रिक टन एन.पी.के., 313 मीट्रिक टन एम.ओ.पी. और 10389 मीट्रिक टन एस.एस.पी. उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वर्तमान में जनपद में किसी भी प्रकार के उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश जिला कृषि अधिकारी ने यह भी बताया कि न्याय पंचायत और विकासखंड स्तर पर उर्वरक निगरानी के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है, और अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 के सुसंगत प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी शिकायत के लिए जनपद में कंट्रोल रूम (मो.न. 7839882274) स्थापित किया गया है। कालाबाजारी और टैगिंग पर डीएम की कड़ी चेतावनी जिलाधिकारी ने उर्वरक कंपनियों और थोक उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि उर्वरकों के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग न की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उर्वरक को उसके निर्धारित विक्रय मूल्य से अधिक दर पर नहीं बेचा जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी विक्रेता उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक पर बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रतिष्ठानों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को अपनी टीम के साथ जनपद में उर्वरक प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी प्रकार की उर्वरक संबंधी समस्या न हो। उन्होंने सभी थोक और फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देशित किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र फोटो सहित चस्पा करें, उर्वरक रेट बोर्ड, स्टॉक और वितरण पंजिका को नियमित रूप से अद्यतन रखें, और पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से ही उर्वरक वितरण करें। किसानों को मशीन से निकली हुई पर्ची अनिवार्य रूप से देने पर भी जोर दिया गया। बैठक में उपस्थिति रहे......इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव, सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक (सहकारिता) आनंद मिश्रा, पी.सी.एफ. जिला प्रबंधक, क्षेत्राधिकारी इफको, अपर जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार पटेल, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड, इंडोरामा, कोरोमंडल, एच.यू.आर.एल, आई.पी.एल., आर.सी.एफ., मैट्रिक्स, रामा फॉस्फेट, ब्लू फास्फेट, चंबल फर्टिलाइजर, जुबिलियंट एग्रो, खेतान केमिकल एंड फर्टिलाइजर लिमिटेड जैसी विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि, थोक/फुटकर उर्वरक विक्रेता और कृषक बंधु उपस्थित रहे।

उर्वरक उपलब्धता और वितरण पर डीएम सख्त : कालाबाजारी पर दिए सख्ती के निर्देश

 

संतकबीरनगर– जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण, निगरानी और उन पर कार्यवाही के लिए गठित जनपद स्तरीय उर्वरक समिति और पी.ओ.एस. मशीन संचालन हेतु “डिस्ट्रिक्ट लेवल को-ऑर्डिनेशन कमेटी/डीबीटी वर्किंग ग्रुप” की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।

जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता

बैठक में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। सहकारी और निजी क्षेत्रों में कुल 16730 मीट्रिक टन यूरिया, 2586 मीट्रिक टन डी.ए.पी., 388 मीट्रिक टन एन.पी.के., 313 मीट्रिक टन एम.ओ.पी. और 10389 मीट्रिक टन एस.एस.पी. उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वर्तमान में जनपद में किसी भी प्रकार के उर्वरकों की कोई कमी नहीं है।
निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिला कृषि अधिकारी ने यह भी बताया कि न्याय पंचायत और विकासखंड स्तर पर उर्वरक निगरानी के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है, और अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 के सुसंगत प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी शिकायत के लिए जनपद में कंट्रोल रूम (मो.न. 7839882274) स्थापित किया गया है।

कालाबाजारी और टैगिंग पर डीएम की कड़ी चेतावनी

जिलाधिकारी ने उर्वरक कंपनियों और थोक उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि उर्वरकों के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग न की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उर्वरक को उसके निर्धारित विक्रय मूल्य से अधिक दर पर नहीं बेचा जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी विक्रेता उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक पर बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिष्ठानों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को अपनी टीम के साथ जनपद में उर्वरक प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी प्रकार की उर्वरक संबंधी समस्या न हो। उन्होंने सभी थोक और फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देशित किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र फोटो सहित चस्पा करें, उर्वरक रेट बोर्ड, स्टॉक और वितरण पंजिका को नियमित रूप से अद्यतन रखें, और पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से ही उर्वरक वितरण करें। किसानों को मशीन से निकली हुई पर्ची अनिवार्य रूप से देने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में उपस्थिति रहे……इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव, सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक (सहकारिता) आनंद मिश्रा, पी.सी.एफ. जिला प्रबंधक, क्षेत्राधिकारी इफको, अपर जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार पटेल, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड, इंडोरामा, कोरोमंडल, एच.यू.आर.एल, आई.पी.एल., आर.सी.एफ., मैट्रिक्स, रामा फॉस्फेट, ब्लू फास्फेट, चंबल फर्टिलाइजर, जुबिलियंट एग्रो, खेतान केमिकल एंड फर्टिलाइजर लिमिटेड जैसी विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि, थोक/फुटकर उर्वरक विक्रेता और कृषक बंधु उपस्थित रहे।

Leave a Reply

error: Content is protected !!