
संत कबीर नगर जिले के सबसे बड़े सेमरियावां ब्लॉक की प्रमुख श्रीमती मजहरुनिशाँ ने जिले के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर 85 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के टेंडर प्रक्रिया में हो रही अत्यधिक देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन परियोजनाओं पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो वह अपने परिवार सहित जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन और अंततः आत्मदाह करने को मजबूर होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
प्रमुख श्रीमती मजहरुनिशाँ के अनुसार, 21 नवंबर 2024 को क्षेत्र पंचायत की बैठक में कुल 582 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त और पारित हुए थे। इनमें से जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर 156 परियोजनाओं को चुना गया था। इन 156 में से भी 85 अतिमहत्वपूर्ण परियोजनाओं का आकलन (एस्टीमेट) और आवश्यक दस्तावेज (जैसे फोटो, अनापत्ति प्रमाण पत्र) अवर अभियंता द्वारा सभी तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए 17 मई 2025 को कार्यालय में जमा करा दिए गए थे। हालांकि, लेखाकार मनोज कुमार ने इसे 21 मई 2025 को प्राप्त किया।
ब्लॉक प्रमुख ने खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि इतने समय बाद भी इन परियोजनाओं के लिए टेंडर अभी तक विज्ञापित नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक स्तर पर इस प्रकरण को जानबूझकर जटिल बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि संबंधित जेई (कनिष्ठ अभियंता) और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी पर चले गए हैं, जिसे वे एक “षडयंत्र” बता रही हैं। उन्होंने इस बात पर भी असंतोष व्यक्त किया कि न तो जेई और न ही बीडीओ के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई की गई है।
श्रीमती मजहरुनिशाँ ने बताया कि उन्होंने 21 जून 2025, 02 जुलाई 2025 और अन्य पत्रों के माध्यम से खंड विकास अधिकारी से लगातार अनुरोध किया है कि जिन 85 परियोजनाओं का आकलन और सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, उन पर टेंडर प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। हालांकि, आज तक टेक्निकल सेंक्शन (टीएस) भी प्राप्त नहीं किया गया है, और प्रकरण को जानबूझकर लंबित रखा गया है। उन्होंने इसे अपनी “राजनीतिक पृष्ठभूमि की हत्या” और क्षेत्र की जनता के साथ “अनुचित भेदभाव” बताया है।
ब्लॉक प्रमुख ने जिलाधिकारी से विनम्र प्रार्थना की है कि बिना किसी और देरी के इन 85 परियोजनाओं के प्राप्त आकलन, जिनमें सभी औपचारिकताएं पूर्ण हैं और पर्याप्त बजट उपलब्ध है, का टेंडर तत्काल कराने हेतु खंड विकास अधिकारी को आदेशित किया जाए। साथ ही, उन्होंने 156 में से शेष 69 परियोजनाओं के आकलन बनाने और आगामी क्षेत्र पंचायत बैठक के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेशित करने का भी अनुरोध किया है। प्रमुख श्रीमती मजहरुनिशाँ की इस कड़ी चेतावनी ने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाते हैं और क्या इन विकास परियोजनाओं को जल्द ही गति मिल पाती है।