संतकबीरनगर – दहेज के लिए प्रताड़ित कर अपनी बहू रूबी की कथित तौर पर हत्या करने के मामले में आरोपी सास कविता की जमानत अर्जी सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रसाद चौधरी ने खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध किया था, जिसके बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
यह घटना दुधारा थाना क्षेत्र के ग्राम तिलजा की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेपाल के ग्राम हरहरवा निवासी राम लखन ने दुधारा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी रूबी की शादी 9 दिसंबर 2023 को विशाल बरनवाल से की थी। शादी के बाद से ही विशाल और उसके परिवार के सदस्य रूबी को लगातार मारते-पीटते थे और उनसे एक चार पहिया वाहन तथा 3 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
राम लखन ने बताया कि उनकी बेटी उनसे फोन पर रोते हुए अपनी जान बचाने की गुहार लगाती थी। आरोप है कि 20 मई 2025 को विशाल (पुत्र घनश्याम), प्रभात, घनश्याम, कविता (सास) और दीक्षा ने मिलकर रूबी को बेरहमी से पीटा, प्रताड़ित किया और अंततः उसकी हत्या कर दी।
इस संबंध में दुधारा थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी सास कविता ने सत्र न्यायाधीश के समक्ष जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था, जिसे जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चुनौती दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रसाद चौधरी ने आरोपी सास कविता की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।