रिपोर्ट – कुलदीप मिश्र (वरिष्ठ पत्रकार एवं लीगल एडवाइजर – सत्यमेव टाइम्स)

संतकबीरनगर – मगहर के प्रख्यात समाजसेवी, नम्रता और सज्जनता की प्रतिमूर्ति तरुण कुमार श्रीवास्तव उर्फ ‘छोट भैया’ का आज हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से मगहर कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
आपको बता दें कि तरुण कुमार श्रीवास्तव मगहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वर्गीय बाबू रामप्रिया सरन सिंह श्रीवास्तव के नाती और मगहर के प्रथम ग्राम प्रधान व ‘विकास पुरुष’ स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद सरण सिंह श्रीवास्तव उर्फ जग्गू बाबू जी के द्वितीय सुपुत्र थे। उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जिसकी जड़ें मगहर के ऐतिहासिक और सामाजिक ताने-बाने से गहराई से जुड़ी थीं। उनके दादाजी ने 1933 में मगहर महोत्सव का सर्वप्रथम आयोजन कराया था और उनके पिताजी ने 1955 से 1960 तक इस महोत्सव को सफलतापूर्वक आयोजित किया।
मगहर को विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर किया।
‘छोट भैया’ अपने मधुर और दयालु स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके स्नेह, सम्मान और सामाजिक क्षेत्रों में उनके अनुभव को हमेशा याद किया जाएगा। उनके असमय चले जाने से उनके परिवारजनों, स्नेहीजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा दुःख है। उनके निधन को एक व्यक्तिगत क्षति बताते हुए, उनके एक करीबी ने कहा कि चाचा जी का जाना उनके सर से एक संरक्षक का साया उठ जाने जैसा है। वे हमेशा हर हफ्ते परिवार का कुशलक्षेम पूछते थे और मार्गदर्शन व आशीर्वाद देते रहते थे।
तरुण कुमार श्रीवास्तव अपने पीछे मगहर के विकास, प्रगति और उन्नति के बारे में अपनी स्पष्ट राय और गहरी जानकारी की एक ऐसी पगडंडी छोड़ गए हैं, जिस पर उनके विचार लंबे समय तक मगहरवासियों का पथ प्रदर्शन करते रहेंगे। उनके चाहने वालों का मानना है कि वे भौतिक रूप से भले ही हमारे बीच से विदा हो गए हों, लेकिन सूक्ष्म रूप से वे सदैव मौजूद रहेंगे और उनकी स्मृतियां व प्रेरणादायक बातें हम सबका मार्गदर्शन करती रहेंगी।
उनके लिए यह कहा गया है कि सौम्यता उनकी सुगंध थी, आनंद उनका जीवन था, सत्कर्म उनकी शोभा और परोपकार उनका कर्तव्य था। परिवार उनका मंदिर था, स्नेह उनकी शक्ति थी, परिश्रम उनका कर्तव्य था और परमार्थ उनकी भक्ति थी।
इस दुःख की घड़ी में देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवारजनों सहित सभी शुभचिंतकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।