Time in United States now
सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है सेमरियावां।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर शनिवार के दिन ब्लॉक संसाधन केंद्र सेमरियावां पर दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों का परामर्श कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।जिसमें पचास से अधिक लोग शामिल हुए।समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक रजनीश वैद्य,खंड शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह के निर्देश पर ब्लॉक के दो दर्जन से अधिक गांवों के गार्जियन परामर्श कार्यक्रम में शामिल हुए।23 सितंबर को सेमरियावां में मेडिकल कैंप मेजरमेंट एवं सर्टिफकेट बनाए जाने की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समग्र शिक्षा के अंतर्गत समेकित शिक्षा के स्पेशल टीचर धर्मेंद्र कुमार,प्रेम शंकर चौधरी और अमित कुमार द्वार दिव्यांग बच्चों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं निःशुल्क पाठ्यपुस्तक,छात्रवृत्ति,उपकरण,शैक्षिक सामग्री के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। नोडल संकुल शिक्षक जफीर अली अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों को अपने करीब के विद्यालय में प्रवेश दिलाएं।इन बच्चों को नियमित विद्यालय भेजें।सामान्य बच्चों की तरह ये बच्चे भी आगे बढ़ सकते हैं।इनके उपकरणों की रखरखाव,खानपान पर विशेष ध्यान दें।दैनिक क्रियाकलाप एवं शिक्षक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

संतकबीरनगर में दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों का परामर्श कार्यक्रम सम्पन्न

सेमरियावां।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर शनिवार के दिन ब्लॉक संसाधन केंद्र सेमरियावां पर दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों का परामर्श कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।जिसमें पचास से अधिक लोग शामिल हुए।समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक रजनीश वैद्य,खंड शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह के निर्देश पर ब्लॉक के दो दर्जन से अधिक गांवों के गार्जियन परामर्श कार्यक्रम में शामिल हुए।23 सितंबर को सेमरियावां में मेडिकल कैंप मेजरमेंट एवं सर्टिफकेट बनाए जाने की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर समग्र शिक्षा के अंतर्गत समेकित शिक्षा के स्पेशल टीचर धर्मेंद्र कुमार,प्रेम शंकर चौधरी और अमित कुमार द्वार दिव्यांग बच्चों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं निःशुल्क पाठ्यपुस्तक,छात्रवृत्ति,उपकरण,शैक्षिक सामग्री के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
नोडल संकुल शिक्षक जफीर अली अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों को अपने करीब के विद्यालय में प्रवेश दिलाएं।इन बच्चों को नियमित विद्यालय भेजें।सामान्य बच्चों की तरह ये बच्चे भी आगे बढ़ सकते हैं।इनके उपकरणों की रखरखाव,खानपान पर विशेष ध्यान दें।दैनिक क्रियाकलाप एवं शिक्षक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

Leave a Reply

error: Content is protected !!