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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बस्ती जिले में कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी और गुड़ प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रगतिशील किसानों के एक सम्मेलन को भी संबोधित किया। किसानों को किया गया सम्मानित राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कृषि क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पाँच किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले किसान थे प्रेम प्रकाश सिंह: विपणन के क्षेत्र में। अहमद अली: सब्ज़ी उत्पादन के लिए। श्रीमती गीता: महिला समूह संचालन के लिए। अवनीश कुमार सिंह: मौसमी और आम उत्पादन के लिए। देवांश पांडेय: ड्रैगन फ्रूट उत्पादन के लिए। कृषि उत्पादों का अवलोकन और सुझाव राज्यपाल ने कृषि प्रदर्शनी का दौरा किया और किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की सराहना की। उन्होंने किसानों को अपने उत्पादों के विपणन (मार्केटिंग) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट से बचने के लिए किसानों को अपने स्वयं के उत्पादों का उत्पादन करना चाहिए। कुपोषण को दूर करने के लिए, उन्होंने लोगों को अपने आहार में आलू के बजाय हरी सब्ज़ियाँ, चना, मूली और ड्रैगन फ्रूट शामिल करने की सलाह दी। राजभवन में प्रदर्शनी लगाने का आमंत्रण सम्मेलन में, 12 किसानों ने राज्यपाल को अपने कृषि उत्पाद भेंट किए। इन उत्पादों से प्रभावित होकर, राज्यपाल ने किसानों को राजभवन में एक कृषि उत्पाद प्रदर्शनी लगाने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ वे अपने उत्पाद बेच सकेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और कुलपति को मिलकर समय निर्धारित करने के लिए कहा। वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा पर ज़ोर राज्यपाल ने कृषि के क्षेत्र में अंतरिक्ष, वज्रपात (बिजली गिरने), और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर नए शोध और अच्छे वैज्ञानिकों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक परिवार को अपने एक बच्चे को डॉक्टर या इंजीनियर बनाने के साथ-साथ एक बच्चे को किसान भी बनाना चाहिए। सामाजिक कल्याण के लिए सुझाव श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने लड़कियों की अच्छी शिक्षा, अच्छा भोजन और उनके साथ समान व्यवहार पर ज़ोर दिया। उन्होंने अपंग, मंदबुद्धि और कुष्ठ आश्रमों में रहने वाले बच्चों की सहायता करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की भी सलाह दी। उन्होंने फूलों के गुलदस्तों पर होने वाले खर्च को कम करके उस पैसे का उपयोग गरीब बच्चों की मदद करने के लिए करने का आग्रह किया। अन्य गतिविधियाँ इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी माँ की याद में एक चंदन का पौधा लगाया और मत्स्य तालाब में मछलियों को दाना भी खिलाया। इस कार्यक्रम में 155 किसानों के अलावा, कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिनमें मंडलायुक्त अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, विधायक अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, और विधायक दूधराम शामिल थे।

राज्यपाल ने बस्ती में किया कृषि उत्पादों और गुड़ प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बस्ती जिले में कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी और गुड़ प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रगतिशील किसानों के एक सम्मेलन को भी संबोधित किया।
किसानों को किया गया सम्मानित
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कृषि क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पाँच किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

सम्मानित होने वाले किसान थे
प्रेम प्रकाश सिंह: विपणन के क्षेत्र में।
अहमद अली: सब्ज़ी उत्पादन के लिए।
श्रीमती गीता: महिला समूह संचालन के लिए।
अवनीश कुमार सिंह: मौसमी और आम उत्पादन के लिए।
देवांश पांडेय: ड्रैगन फ्रूट उत्पादन के लिए।
कृषि उत्पादों का अवलोकन और सुझाव
राज्यपाल ने कृषि प्रदर्शनी का दौरा किया और किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की सराहना की। उन्होंने किसानों को अपने उत्पादों के विपणन (मार्केटिंग) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट से बचने के लिए किसानों को अपने स्वयं के उत्पादों का उत्पादन करना चाहिए। कुपोषण को दूर करने के लिए, उन्होंने लोगों को अपने आहार में आलू के बजाय हरी सब्ज़ियाँ, चना, मूली और ड्रैगन फ्रूट शामिल करने की सलाह दी।
राजभवन में प्रदर्शनी लगाने का आमंत्रण
सम्मेलन में, 12 किसानों ने राज्यपाल को अपने कृषि उत्पाद भेंट किए। इन उत्पादों से प्रभावित होकर, राज्यपाल ने किसानों को राजभवन में एक कृषि उत्पाद प्रदर्शनी लगाने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ वे अपने उत्पाद बेच सकेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और कुलपति को मिलकर समय निर्धारित करने के लिए कहा।
वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा पर ज़ोर
राज्यपाल ने कृषि के क्षेत्र में अंतरिक्ष, वज्रपात (बिजली गिरने), और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर नए शोध और अच्छे वैज्ञानिकों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक परिवार को अपने एक बच्चे को डॉक्टर या इंजीनियर बनाने के साथ-साथ एक बच्चे को किसान भी बनाना चाहिए।
सामाजिक कल्याण के लिए सुझाव
श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने लड़कियों की अच्छी शिक्षा, अच्छा भोजन और उनके साथ समान व्यवहार पर ज़ोर दिया। उन्होंने अपंग, मंदबुद्धि और कुष्ठ आश्रमों में रहने वाले बच्चों की सहायता करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की भी सलाह दी। उन्होंने फूलों के गुलदस्तों पर होने वाले खर्च को कम करके उस पैसे का उपयोग गरीब बच्चों की मदद करने के लिए करने का आग्रह किया।
अन्य गतिविधियाँ
इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी माँ की याद में एक चंदन का पौधा लगाया और मत्स्य तालाब में मछलियों को दाना भी खिलाया।
इस कार्यक्रम में 155 किसानों के अलावा, कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिनमें मंडलायुक्त अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, विधायक अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, और विधायक दूधराम शामिल थे।

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