
संतकबीरनगर – विश्व प्रसिद्ध सूफी संत “कबीर” की मूक साधना की गवाह “आमी” के दूषित होने की जांच अब शुरू हो गई है। कबीर की गंगा को जिस किसने जहरीला बनाया है? सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना अब तय माना जा रहा है क्योंकि इसकी जांच स्वयं जिले के जिलाधिकारी आलोक कुमार कर रहे हैं। सत्यमेव टाइम्स न्यूज के ट्विटर अकाउंट पर चली खबर का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने तत्काल अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया है।
समिति ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। इसमें रैना पेपर मिल की दोनों इकाइयों (यूनिट 1 और 2) के साथ-साथ नगर पंचायत मगहर में कबीर चौरा नाला, इस्लामनगर नाला और कोई कोल नाला शामिल थे। इन सभी जगहों और नदी के कई घाटों से पानी के नमूने लिए गए हैं।
कुल मिलाकर दस अलग-अलग जगहों से पानी के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं ताकि दूषित होने के कारणों का पता लगाया जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।