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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है       सेमरियावा। इन दिनों वाहन चालकों के लिए दुधारा चुरेब बेलाहवा मार्ग पर चलना बेहद खतरनाक हो रहा है। कारण यह कि रोड साइड में उगी लंबी-लंबी घास फूस व झाड़ियां हैं। जिनकी धारदार पत्तियों से राहगीर घायल हो रहे हैं साथ ही मोड़ पर सामने से आ रहा वाहन व जानवर भी नहीं दिखते हैं जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दरअसल बजहरा गांव से कटैयवा चौराहे तक तक सड़क की पटरी पर घास फूस व बड़ी बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं जो बरसात में बेहिसाब बढ़ चुकी हैं और सड़क तक फैली हुई हैं। परेशानी तब होती है जब बारिश के साथ तेज हवाएं इन झाड़ियों को सड़क की ओर गिरा देती है और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा देती है। कुछ जगहों पर तो आलम यह है कि सड़क ठीक से नजर ही नहीं आती है। ऐसे में दुर्लभ वन्यजीवों से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ राहगीरों की राह आसान हो इसके लिए घास फूस कटना आवश्यक है। हालांकि विभाग द्वारा पहले जहां तहां थोड़ा बहुत फूस कटवा दिया जाता था या फिर सड़क से दूसरी ओर दबवा दिया जाता था, लेकिन इस साल अभी तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया है। युवा समाजसेवी शारिक़ सिद्दीकी, मुहम्मद तव्वाब अंसारी, हामिद कमाल, मुहम्मद कामिल, सुफियान अहमद, मुहम्मद अशाद, फुरकान अहमद, इब्राहिम सिद्दीकी, मुहम्मद अरशद आदि ने कहा कि विभाग समय समय रोड की झाड़ियों की छटाई नहीं कराता है जिससे आये दिन सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उत्पन्न समस्या के समाधान की मांग किये हैं।

दुधारा से बेलहवा चुरेब मार्ग पर सड़क किनारे उगी झाड़ियां दुर्घटनाओं को दे रही है दावत

 

 

 

सेमरियावा।
इन दिनों वाहन चालकों के लिए दुधारा चुरेब बेलाहवा मार्ग पर चलना बेहद खतरनाक हो रहा है। कारण यह कि रोड साइड में उगी लंबी-लंबी घास फूस व झाड़ियां हैं। जिनकी धारदार पत्तियों से राहगीर घायल हो रहे हैं साथ ही मोड़ पर सामने से आ रहा वाहन व जानवर भी नहीं दिखते हैं जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दरअसल बजहरा गांव से कटैयवा चौराहे तक तक सड़क की पटरी पर घास फूस व बड़ी बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं जो बरसात में बेहिसाब बढ़ चुकी हैं और सड़क तक फैली हुई हैं। परेशानी तब होती है जब बारिश के साथ तेज हवाएं इन झाड़ियों को सड़क की ओर गिरा देती है और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा देती है। कुछ जगहों पर तो आलम यह है कि सड़क ठीक से नजर ही नहीं आती है। ऐसे में दुर्लभ वन्यजीवों से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ राहगीरों की राह आसान हो इसके लिए घास फूस कटना आवश्यक है। हालांकि विभाग द्वारा पहले जहां तहां थोड़ा बहुत फूस कटवा दिया जाता था या फिर सड़क से दूसरी ओर दबवा दिया जाता था, लेकिन इस साल अभी तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया है।
युवा समाजसेवी शारिक़ सिद्दीकी, मुहम्मद तव्वाब अंसारी, हामिद कमाल, मुहम्मद कामिल, सुफियान अहमद, मुहम्मद अशाद, फुरकान अहमद, इब्राहिम सिद्दीकी, मुहम्मद अरशद आदि ने कहा कि विभाग समय समय रोड की झाड़ियों की छटाई नहीं कराता है जिससे आये दिन सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उत्पन्न समस्या के समाधान की मांग किये हैं।

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