उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजकल एक नाम खूब चर्चा में है– और वो नाम है बस्ती के कद्दावर बीजेपी नेता, व्यवसायी और समाजसेवी आरसी वर्मा का जिन्होंने हाल ही के दिनों में दो बार सीएम योगी से भेंट कर जिले के विकास को लेकर चर्चा की। उनकी हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि इसे पूर्वांचल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस मुलाकात में बस्ती के सर्वांगीण विकास और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने पर चर्चा हुई, लेकिन इसके और भी गहरे निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। आरसी वर्मा जो कि पिछड़े वर्ग के एक मजबूत नेता के रूप में जाने जाते हैं उन्हें बीजेपी शीर्ष नेतृत्व द्वारा एक “ट्रम्प कार्ड” के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मकसद सपा के दिग्गज नेता और सांसद राम प्रसाद चौधरी के बढ़ते प्रभाव को कम करना है। आपको बता दें कि श्री वर्मा सिर्फ राजनीति और व्यापार तक सीमित नहीं हैं। उनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाते हैं और निजी क्षेत्र में युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उनकी इस सर्वव्यापी छवि ने उन्हें एक ऐसा नेता बना दिया है, जिस पर बीजेपी भरोसा कर सकती है। अब सवाल यहां पर यह उठता है कि क्या बीजेपी शीर्ष नेतृत्व आरसी वर्मा को कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपने जा रही है? क्या बस्ती की राजनीति में कोई और एक नया अध्याय शुरू होने वाला है? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में ही मिलेंगे लेकिन एक बात तो तय है कि आरसी वर्मा की यह मुलाकात सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति में खासकर बस्ती जिले की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है।