संतकबीरनगर जिले के पूर्व सांसद स्वर्गीय भालचंद यादव की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर जाने माने उद्यमी व समाजसेवी श्री नारायण सिंह ने स्वर्गीय सांसद को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए विकास कार्य और समाज हित में दिए गए योगदान आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उन्होंने भालचंद यादव को सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि एक महान समाजसेवी और संतकबीरनगर के कुशल शिल्पकार के रूप में याद किया, जिन्होंने जिले को सजाने और संवारने में अहम भूमिका निभाई। श्री सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सांसद भालचंद यादव का नाम संतकबीरनगर के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है, खासकर खलीलाबाद को संतकबीरनगर जिले का दर्जा दिलाने के लिए उनके द्वारा किए गए अथक संघर्ष के कारण जो यह एक ऐसा ऐतिहासिक कदम था जिसने क्षेत्र के विकास की दिशा और दशा बदल दी। उनके इस प्रयास ने न केवल स्थानीय लोगों की पहचान को मजबूत किया बल्कि विकास कार्यों को गति देने का मार्ग भी प्रशस्त किया।भालचंद यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के लिए समर्पण और सेवा का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने जिले में अनगिनत विकास कार्य करवाए जो आज भी उनकी दूरदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। चाहे वह सड़कों का निर्माण हो, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास हो या किसानों और गरीबों के लिए आवाज उठाना हो—उन्होंने हर मोर्चे पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। वह जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते थे और उन्हें दूर करने के लिए पूरी लगन से काम करते थे, जिससे उन्हें ‘विकास पुरुष’ की उपाधि मिली। स्वर्गीय सांसद एक साधारण पृष्ठभूमि से आकर छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की और अपनी मेहनत तथा जनसेवा के बल पर संसद तक का सफर तय किया। वे अपने वसूलों के साथ कभी समझौता नहीं करने वाले एक जिद्दी और जुझारू नेता थे, जिन्होंने हमेशा वही किया जो उनके दिल ने कहा। भालचंद यादव एक कुशल शिल्पकार की भांति थे जिन्होंने संतकबीरनगर को सजाने और संवारने में अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनका राजनीतिक और सामाजिक योगदान इतना व्यापक रहा कि वे आज भी पूर्वांचल के युवाओं और बुजुर्गों के दिलों पर राज करते हैं और उन्हें गरीबों का मसीहा कहा जाता है