संतकबीरनगर जिले में एसआईआर को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार और धनघटा विधानसभा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार ने जिम्मेदार अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक किया। निर्वाचन आयोग का दावा है कि जिन मतदाताओं का वर्ष 2003 में विधान सभा और लोकसभा की मतदाता सूची में नाम था उन्हें कोई पहचान पत्र नही देना होगा। उनसे जुड़े नए मतदाताओं का रिलेशन प्रमाण पत्र देना होगा। निर्वाचन आयोग का कहना है कि 2003 की सूची में जिन मतदाताओं का नाम नहीं है उन्हें 2003 की सूची में शामिल मतदाताओं से अपने संबंध का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अतिरिक्त नए मतदाताओं को आधार कार्ड सहित आयोग द्वारा जारी 11 नए पहचान वाले दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। जिसमे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पेंशन कार्ड, बैंक पासबुक अथवा पोस्ट ऑफिस कॉपी सहित फोटो युक्त प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। एसआईआर के लिए विधानसभा और लोकसभा की मतदाता सूची में लगे बीएलओ अथवा सुपरवाइजर एक मतदाता के घर कम से कम तीन बार जरूर जायेंगे।