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Sant Kabir Nagar -
प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में आज से भूचाल आ गया है! ग्राम पंचायत सचिवों ने सरकार की बोझिल कार्यप्रणाली और अव्यवस्थित ऑनलाइन सिस्टम के खिलाफ़ बिगुल फूंक दिया है। 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाला यह प्रदेशव्यापी 'सच्चाई चरणबद्ध सत्याग्रह अब तक के सबसे तगड़े प्रशासनिक आंदोलनों में से एक माना जा रहा है, जिसने सीधे-सीधे सरकार को कड़ा संदेश दिया है। यह ऐतिहासिक विद्रोह मुख्य रूप से FRS ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम की जंजीरों और गैर-विभागीय कार्यों के बेतहाशा बोझ के खिलाफ़ है, जिसने सचिवों की कमर तोड़ दी है।
प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबाष चन्द्र पाण्डेय के आह्वान पर लाखों सचिव एकजुट हुए हैं।
प्रतापगढ़ के जिला उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दमदार लहजे में कहा कि"अब सचिव बोझिल कार्यप्रणाली और अव्यवस्थित ऑनलाइन सिस्टम का दबाव नहीं झेलेंगे। जब तक हमारी समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं होता, यह आंदोलन और तेज़ होगा।
ग्राम पंचायत सचिवों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए रणनीतिक तरीके से चार बड़े कदम उठाने की घोषणा की है, जो सीधे सरकारी कामकाज को पंगु बनाने की क्षमता रखते हैं। 1-4 दिसंबर तक काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य के प्रतीकात्मक विरोध का 'शंखनाद' फूंकने वाले सचिवों ने मांगे ना माने जाने पर 5 दिसंबर से सामूहिक धरना और सरकारी WhatsApp ग्रुप्स से 'सामूहिक लेफ्ट' होने का ऐलान किया है | वहीं 10 दिसंबर से निजी वाहन उपयोग को पूरी तरह से बंद कर फील्ड वर्क पूरी तरह ठप करने की चेतावनी दी है। सचिवों के आंदोलन से 15 दिसंबर को ही सभी डोंगल ब्लॉक कार्यालय में जमा कर तकनीकी और ऑनलाइन कार्य पर पूर्ण विराम लगाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
प्रशासनिक हलकों में इस एकजुटता से गहरी हलचल मच गई है। सरकार को अब जल्द ही सख्त रुख अख्तियार कर चुके सचिवों के साथ बातचीत की मेज पर आना होगा, अन्यथा यूपी का ग्रामीण प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा सकता है!

FRS की ‘जंजीर’ और काम के ‘पहाड़’ के खिलाफ़ सचिवों ने की बगावत 

Sant Kabir Nagar –
प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में आज से भूचाल आ गया है! ग्राम पंचायत सचिवों ने सरकार की बोझिल कार्यप्रणाली और अव्यवस्थित ऑनलाइन सिस्टम के खिलाफ़ बिगुल फूंक दिया है। 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाला यह प्रदेशव्यापी ‘सच्चाई चरणबद्ध सत्याग्रह अब तक के सबसे तगड़े प्रशासनिक आंदोलनों में से एक माना जा रहा है, जिसने सीधे-सीधे सरकार को कड़ा संदेश दिया है। यह ऐतिहासिक विद्रोह मुख्य रूप से FRS ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम की जंजीरों और गैर-विभागीय कार्यों के बेतहाशा बोझ के खिलाफ़ है, जिसने सचिवों की कमर तोड़ दी है।
प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबाष चन्द्र पाण्डेय के आह्वान पर लाखों सचिव एकजुट हुए हैं।
प्रतापगढ़ के जिला उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दमदार लहजे में कहा कि”अब सचिव बोझिल कार्यप्रणाली और अव्यवस्थित ऑनलाइन सिस्टम का दबाव नहीं झेलेंगे। जब तक हमारी समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं होता, यह आंदोलन और तेज़ होगा।
ग्राम पंचायत सचिवों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए रणनीतिक तरीके से चार बड़े कदम उठाने की घोषणा की है, जो सीधे सरकारी कामकाज को पंगु बनाने की क्षमता रखते हैं। 1-4 दिसंबर तक काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य के प्रतीकात्मक विरोध का ‘शंखनाद’ फूंकने वाले सचिवों ने मांगे ना माने जाने पर 5 दिसंबर से सामूहिक धरना और सरकारी WhatsApp ग्रुप्स से ‘सामूहिक लेफ्ट’ होने का ऐलान किया है | वहीं 10 दिसंबर से निजी वाहन उपयोग को पूरी तरह से बंद कर फील्ड वर्क पूरी तरह ठप करने की चेतावनी दी है। सचिवों के आंदोलन से 15 दिसंबर को ही सभी डोंगल ब्लॉक कार्यालय में जमा कर तकनीकी और ऑनलाइन कार्य पर पूर्ण विराम लगाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
प्रशासनिक हलकों में इस एकजुटता से गहरी हलचल मच गई है। सरकार को अब जल्द ही सख्त रुख अख्तियार कर चुके सचिवों के साथ बातचीत की मेज पर आना होगा, अन्यथा यूपी का ग्रामीण प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा सकता है!

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