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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   महुली क्षेत्र का निवासी संतोष चतुर्वेदी चेक बाउंस और गबन का दोषी..........! अर्थदंड न चुकाने पर ढाई साल अतिरिक्त कारावास का आदेश...................! संतकबीरनगर। सिविल जज सीनियर डिविजन/एसीजेएम न्यायालय ने चेक बाउंस और धोखाधड़ी के पांच अलग-अलग मामलों में संतोष चतुर्वेदी निवासी- भिठहां, थाना महुली को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (N.I.) एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियुक्त को सभी मामलों में कुल 5 साल की सज़ा और ₹1 करोड़ 21 लाख 90 हज़ार का भारी-भरकम अर्थदंड लगाया है। आपको बता दें कि संतोष चतुर्वेदी निवासी ग्राम भिठहां थाना महुली का निवासी है जो कि बालू खदानों पर कैशियर/मैनेजर के पद पर तैनात था। उसके ऊपर आरोप था कि उसने विश्वास का फायदा उठाकर पांच लोगों को ठगा। सभी मामलों में उसने लेन-देन के लिए जो चेक दिए वे हस्ताक्षर न मिलने या खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गए। प्रमुख मामलों का विवरण 1. बलराम यादव मामला - सबसे बड़े मामले में बलराम यादव ने आरोप लगाया था कि संतोष ने नौकरी के दौरान ₹78 लाख का गबन किया और जब हिसाब मांगा गया तो उसने घर, गाड़ी आदि खरीदने की बात कबूली। गबन के एवज में दिया गया चेक बाउंस हो गया। इस मामले में संतोष चतुर्वेदी को मिली सज़ा- 01 साल की कैद और ₹80 लाख 10 हज़ार का अर्थदंड।
  1. सुनील मौर्या मामला: बालू खरीद-फरोख्त के नाम पर ₹24 लाख लिए गए और दिए गए चेक पर गलत हस्ताक्षर होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। सज़ा: 1 साल की कैद और ₹29 लाख 10 हज़ार का अर्थदंड।

  2. अभय नंदन सिंह मामला: बालू के लिए ₹4 लाख 50 हज़ार एडवांस लेने के बाद भी बालू नहीं दी और चेक बाउंस हो गया। सज़ा: 1 साल की कैद और अर्थदंड। अर्थदंड ना अदा करने पर अतिरिक्त सजा 6 माह......!!

  3. प्रत्यूष कुमार मामला: बालू लाइसेंस के लिए ₹7 लाख 50 हज़ार लिए गए, जिसके एवज में दिया गया चेक बाउंस हो गया। सज़ा: 1 साल की कैद और ₹9 लाख 60 हज़ार का अर्थदंड।

  4. गुलाब चंद्र मामला: बालू न देने के बाद ₹1 लाख 60 हज़ार के बदले दिया गया स्टेट बैंक का चेक बाउंस हो गया। सज़ा: 1 साल की कैद और ₹2 लाख 10 हज़ार का अर्थदंड।

उपरोक्त केसो पर अर्थदंड न चुकाने पर 30 माह अतिरिक्त सज़ा के संबंध में अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि यदि अभियुक्त संतोष चतुर्वेदी अर्थदंड की पूरी राशि अदा नहीं करता है, तो उसे 30 महीने (ढाई साल) का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस फैसले को धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

05 मामलों में “संतोष” को 5 साल की सजा : साथ ही मिला ₹1.21 करोड़ का अर्थदंड

 

महुली क्षेत्र का निवासी संतोष चतुर्वेदी चेक बाउंस और गबन का दोषी……….!
अर्थदंड न चुकाने पर ढाई साल अतिरिक्त कारावास का आदेश……………….!

संतकबीरनगर। सिविल जज सीनियर डिविजन/एसीजेएम न्यायालय ने चेक बाउंस और धोखाधड़ी के पांच अलग-अलग मामलों में संतोष चतुर्वेदी निवासी- भिठहां, थाना महुली को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (N.I.) एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियुक्त को सभी मामलों में कुल 5 साल की सज़ा और ₹1 करोड़ 21 लाख 90 हज़ार का भारी-भरकम अर्थदंड लगाया है।
आपको बता दें कि संतोष चतुर्वेदी निवासी ग्राम भिठहां थाना महुली का निवासी है जो कि बालू खदानों पर कैशियर/मैनेजर के पद पर तैनात था। उसके ऊपर आरोप था कि उसने विश्वास का फायदा उठाकर पांच लोगों को ठगा। सभी मामलों में उसने लेन-देन के लिए जो चेक दिए वे हस्ताक्षर न मिलने या खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गए।
प्रमुख मामलों का विवरण
1. बलराम यादव मामला – सबसे बड़े मामले में बलराम यादव ने आरोप लगाया था कि संतोष ने नौकरी के दौरान ₹78 लाख का गबन किया और जब हिसाब मांगा गया तो उसने घर, गाड़ी आदि खरीदने की बात कबूली। गबन के एवज में दिया गया चेक बाउंस हो गया।

इस मामले में संतोष चतुर्वेदी को मिली सज़ा- 01 साल की कैद और ₹80 लाख 10 हज़ार का अर्थदंड।

  1. सुनील मौर्या मामला: बालू खरीद-फरोख्त के नाम पर ₹24 लाख लिए गए और दिए गए चेक पर गलत हस्ताक्षर होने के कारण भुगतान नहीं हो सका।
    सज़ा: 1 साल की कैद और ₹29 लाख 10 हज़ार का अर्थदंड।

  2. अभय नंदन सिंह मामला: बालू के लिए ₹4 लाख 50 हज़ार एडवांस लेने के बाद भी बालू नहीं दी और चेक बाउंस हो गया।
    सज़ा: 1 साल की कैद और अर्थदंड। अर्थदंड ना अदा करने पर अतिरिक्त सजा 6 माह……!!

  3. प्रत्यूष कुमार मामला: बालू लाइसेंस के लिए ₹7 लाख 50 हज़ार लिए गए, जिसके एवज में दिया गया चेक बाउंस हो गया।
    सज़ा: 1 साल की कैद और ₹9 लाख 60 हज़ार का अर्थदंड।

  4. गुलाब चंद्र मामला: बालू न देने के बाद ₹1 लाख 60 हज़ार के बदले दिया गया स्टेट बैंक का चेक बाउंस हो गया।
    सज़ा: 1 साल की कैद और ₹2 लाख 10 हज़ार का अर्थदंड।

उपरोक्त केसो पर अर्थदंड न चुकाने पर 30 माह अतिरिक्त सज़ा के संबंध में अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि यदि अभियुक्त संतोष चतुर्वेदी अर्थदंड की पूरी राशि अदा नहीं करता है, तो उसे 30 महीने (ढाई साल) का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस फैसले को धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

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