सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है सिद्धार्थनगर - जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पँचायत डोमसरा में स्थित अति प्रसिद्ध प्राचीन बाबा डोमेश्वर नाथ शिव धाम पर पवित्र सावन मास के आखिरी सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं पर शिव भक्तों द्वारा प्रसाद वितरण के कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। आपको बताते चलें डोमेश्वर नाथ शिव धाम विशाल वट वृक्ष के नीचे खुले आसमान में विराजमान है । ऐसी मान्यता है कि यहाँ शिवलिंग स्वयं जमीन फ़ाड़कर प्रकट हुआ था। भक्तों ने जब मंदिर का भव्य निर्माण करना चाहा तो भोलेनाथ उनके सपने में आकर के खुले आसमान के नीचे रहने के लिए स्वयं कहे थे । तब से यह शिवलिंग वटवृक्ष के नीचे खुले आसमान के नीचे विराजमान है । गांव सहित क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि प्राचीन काल मे राजा हर्षवर्धन के शासनकाल से यह मंदिर विराजमान है ।डोमेश्वर नाथ शिव धाम के नाम पर डोमसरा गाव का नाम पड़ा था। यहां पर महाशिवरात्रि को दो दिवसीय भव्य मेला लगता है ।वहीं प्रत्येक सोमवार को भी भक्तों की भारी भीड़ दिखाई होती है। लेकिन सावन मास और मलमास में भक्तों की भारी भीड़ दूरदराज से लोग यहां आकर से भोलेनाथ पर जलाभिषेक करते हैं और अपनी मुरादे पूरी करते हैं।

सिद्धार्थनगर – पवित्र श्रावण मास के आखिरी सोमवार को डोमेश्वर नाथ शिव धाम पर जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़_रिपोर्ट – सन्दीप पाण्डेय

सिद्धार्थनगर – जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पँचायत डोमसरा में स्थित अति प्रसिद्ध प्राचीन बाबा डोमेश्वर नाथ शिव धाम पर पवित्र सावन मास के आखिरी सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं पर शिव भक्तों द्वारा प्रसाद वितरण के कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। आपको बताते चलें डोमेश्वर नाथ शिव धाम विशाल वट वृक्ष के नीचे खुले आसमान में विराजमान है । ऐसी मान्यता है कि यहाँ शिवलिंग स्वयं जमीन फ़ाड़कर प्रकट हुआ था। भक्तों ने जब मंदिर का भव्य निर्माण करना चाहा तो भोलेनाथ उनके सपने में आकर के खुले आसमान के नीचे रहने के लिए स्वयं कहे थे । तब से यह शिवलिंग वटवृक्ष के नीचे खुले आसमान के नीचे विराजमान है । गांव सहित क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि प्राचीन काल मे राजा हर्षवर्धन के शासनकाल से यह मंदिर विराजमान है ।डोमेश्वर नाथ शिव धाम के नाम पर डोमसरा गाव का नाम पड़ा था। यहां पर महाशिवरात्रि को दो दिवसीय भव्य मेला लगता है ।वहीं प्रत्येक सोमवार को भी भक्तों की भारी भीड़ दिखाई होती है। लेकिन सावन मास और मलमास में भक्तों की भारी भीड़ दूरदराज से लोग यहां आकर से भोलेनाथ पर जलाभिषेक करते हैं और अपनी मुरादे पूरी करते हैं।

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