दोनों की मुलाकात ने दिए पूर्वांचल की राजनीति में बड़े फेरबदल के संकेत
उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘ठहरे हुए पानी’ में एक ऐसी कंकड़ गिरी है जिसकी लहरें लखनऊ से लेकर पूर्वांचल तक महसूस की जा रही हैं। संतकबीरनगर के कद्दावर नेता और कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहित पांडेय ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात कर न केवल जिले, बल्कि पूर्वांचल के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
रोहित पांडेय ने लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय में अखिलेश यादव से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद संतकबीरनगर की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है और इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा के एक बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है।
रोहित पांडेय वही नेता हैं जिन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘प्राइमरीज इलेक्शन’ की कठिन अग्निपरीक्षा में कई दिग्गजों को धूल चटाकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। उस समय वह कांग्रेस के ‘पोस्टर बॉय’ बनकर उभरे थे, लेकिन बाद में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। अब कांग्रेस से पूरी तरह मोहभंग होने के बाद रोहित पांडेय ने अखिलेश यादव के साथ हाथ मिलाकर नई सियासी पारी के संकेत दे दिए हैं।
सूत्रों की मानें तो रोहित पांडेय का न केवल अखिलेश यादव, बल्कि शिवपाल सिंह यादव के साथ भी काफी पुराना और बेहतर तालमेल है। पिछले कुछ वर्षों से वे सक्रिय राजनीति से भले ही दूर नजर आए, लेकिन सामाजिक और धार्मिक सरोकारों के जरिए उन्होंने संतकबीरनगर की जनता के बीच अपनी पैठ बनाए रखी। ब्राह्मण मतदाताओं और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक उन्हें आगामी चुनाव में अखिलेश यादव का ‘ट्रंप कार्ड’ मान रहे हैं। संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी अपने जनाधार को सवर्ण मतदाताओं के बीच मजबूत करने की फिराक में है और रोहित पांडेय इस खांचे में पूरी तरह फिट बैठते हैं।
सपा मुख्यालय में हुई इस लंबी चर्चा के दौरान रोहित पांडेय ने अखिलेश यादव के नेतृत्व और उनकी विकासवादी सोच की जमकर सराहना की। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन रोहित पांडेय के करीबियों का कहना है कि राजनीति में मुलाकातों के मायने बहुत गहरे होते हैं और संतकबीरनगर की जनता की सेवा के लिए अब हर बड़े विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यदि रोहित पांडेय औपचारिक रूप से ‘साइकिल’ पर सवार होते हैं, तो यह न केवल संतकबीरनगर बल्कि पूरे पूर्वांचल में कांग्रेस और विपक्षी खेमे के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
इस शिष्टाचार भेंट को लेकर हमने जब कद्दावर नेता रोहित पांडेय से टेलीफोनिक वार्ता की तब उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश यादव जी से शिष्टाचार भेंट हुई। इस मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश के वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य और संतकबीरनगर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि राजनीति मेरे लिए केवल पद पाने का जरिया नहीं, बल्कि जनसेवा का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रदेश को एक ऐसी प्रगतिशील सोच की जरूरत है जो सबको साथ लेकर चले। और ऐसे में सिर्फ एक ही नाम सामने है और वो है आदरणीय अखिलेश जी। रोहित पांडेय ने कहा कि संतकबीरनगर की जनता की भावनाओं और क्षेत्र के स्वर्णिम भविष्य के लिए जो भी उचित कदम होगा, वह जल्द ही सबके सामने होगा। हम जनसेवा के अपने संकल्प पर अडिग हैं और आने वाले समय में एक नई ऊर्जा के साथ जनता के बीच होंगे।