सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है प्रदेश के कई जिलों में इस वक्त बाढ़ का प्रकोप सामने आ रहा है। एनडीआरएफ के जवान लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं। खासतौर से गोरखपुर जिला में पूरी मुस्तैदी के साथ एनडीआरएफ के जवान बाढ़ पीड़ितों की मदत कर रहे है। गोरखपुर में जहां जहां बाढ़ का कहर है, वहां हर इलाकों में चप्पे-चप्पे पर हमारे जवान देवदूत बनकर पीड़ितों की रक्षा में जुटे हुए हैं। जिले में मोटर बोट से लोगों की जान बचाई जा रही है और एनडीआरएफ के जवान तमाम जोखिमों को पार करते हुए लोगों का रेस्क्यू कर रहे हैं।जिला प्रशासन की पहल पर 11वी वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कमांडेंट श्री मनोज कुमार शर्मा के दिशा निर्देश पर गोरखपुर जिले में डिप्टी कमांडेंट श्री पीएल शर्मा के नेतृत्व में लगातार पांच टीमें बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है। आपको बता दें कि बांसगांव तहसील के अंतर्गत भरवलिया बसावनपुर का रिंग बांध का टूटना हो या चौरी चौरा तहसील अंतर्गत जोगिया का बांध टूटना हो इन सभी बांध के टूटने से करीब 70 से 75 गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए थे। लेकिन एनडीआरएफ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में जवानों ने दिन रात एक कर के इन सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया और जान माल की हानि को कम कर दिया। इसी कड़ी में जोगिया बांध टूटने के कारण वहां पर निरीक्षक सभाजीत यादव के नेतृत्व में लगातार बाढ़ प्रभावित गांव में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सभी बाढ़ प्रभावित गांव मे रेस्क्यू कर के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद अब लोगों के लिए टीम राशन पानी का बंदोबस्त करने में जुटी हुई है। चाहे वह राहत सामग्री जिला प्रशासन से उपलब्ध हो या किसी जनप्रतिनिधि के द्वारा हो अथवा किसी समाजसेवी के द्वारा हो इन सभी के द्वारा दिए गए राहत सामग्री को एनडीआरएफ के जवान एक -एक घर के प्रभवित लोगो तक पहुंचाने का काम कर रही है। आज लगभग 1500 राहत सामग्री का पैकेट और पानी के पाउच को लोगो को बांटा। बाढ़ प्रभावित गांव जोगिया, राजधानी, जयराम कोल, सधना भरोहिया, बसुही तथा बरहरा में राहत सामग्री बाटने के साथ साथ वहाँ के स्थानीय लोगो को टीम के द्वारा covid -19 वाक्सिनेशन लगाने के लिए भी जागरूक किया गया एवं मौके पर जिला प्रशासन द्वारा वाक्सिनेशन लगाया गया। बाढ़ राहत सामग्री बाटने के दौरान उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सम्बंधित गांव के लेखपाल एवं प्रधान एवं एनडीआरएफ के सभी बचावकर्मी उपस्थित थे।

गोरखपुर-बाढ़ पीड़ितों को लगातार मदद पंहुचा रहे हैं एनडीआरएफ के जवान_रिपोर्ट-विभव पाठक

प्रदेश के कई जिलों में इस वक्त बाढ़ का प्रकोप सामने आ रहा है। एनडीआरएफ के जवान लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं। खासतौर से गोरखपुर जिला में पूरी मुस्तैदी के साथ एनडीआरएफ के जवान बाढ़ पीड़ितों की मदत कर रहे है। गोरखपुर में जहां जहां बाढ़ का कहर है, वहां हर इलाकों में चप्पे-चप्पे पर हमारे जवान देवदूत बनकर पीड़ितों की रक्षा में जुटे हुए हैं। जिले में मोटर बोट से लोगों की जान बचाई जा रही है और एनडीआरएफ के जवान तमाम जोखिमों को पार करते हुए लोगों का रेस्क्यू कर रहे हैं।जिला प्रशासन की पहल पर 11वी वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कमांडेंट श्री मनोज कुमार शर्मा के दिशा निर्देश पर गोरखपुर जिले में डिप्टी कमांडेंट श्री पीएल शर्मा के नेतृत्व में लगातार पांच टीमें बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है। आपको बता दें कि बांसगांव तहसील के अंतर्गत भरवलिया बसावनपुर का रिंग बांध का टूटना हो या चौरी चौरा तहसील अंतर्गत जोगिया का बांध टूटना हो इन सभी बांध के टूटने से करीब 70 से 75 गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए थे। लेकिन एनडीआरएफ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में जवानों ने दिन रात एक कर के इन सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया और जान माल की हानि को कम कर दिया। इसी कड़ी में जोगिया बांध टूटने के कारण वहां पर निरीक्षक सभाजीत यादव के नेतृत्व में लगातार बाढ़ प्रभावित गांव में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सभी बाढ़ प्रभावित गांव मे रेस्क्यू कर के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद अब लोगों के लिए टीम राशन पानी का बंदोबस्त करने में जुटी हुई है। चाहे वह राहत सामग्री जिला प्रशासन से उपलब्ध हो या किसी जनप्रतिनिधि के द्वारा हो अथवा किसी समाजसेवी के द्वारा हो इन सभी के द्वारा दिए गए राहत सामग्री को एनडीआरएफ के जवान एक -एक घर के प्रभवित लोगो तक पहुंचाने का काम कर रही है। आज लगभग 1500 राहत सामग्री का पैकेट और पानी के पाउच को लोगो को बांटा। बाढ़ प्रभावित गांव जोगिया, राजधानी, जयराम कोल, सधना भरोहिया, बसुही तथा बरहरा में राहत सामग्री बाटने के साथ साथ वहाँ के स्थानीय लोगो को टीम के द्वारा covid -19 वाक्सिनेशन लगाने के लिए भी जागरूक किया गया एवं मौके पर जिला प्रशासन द्वारा वाक्सिनेशन लगाया गया। बाढ़ राहत सामग्री बाटने के दौरान उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सम्बंधित गांव के लेखपाल एवं प्रधान एवं एनडीआरएफ के सभी बचावकर्मी उपस्थित थे।

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