सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है       सिद्धार्थनगर जिले में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है डुमरियागंज में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलूस निकाल कर के यह पर्व बड़े धूम-धाम से मनाया इस पर्व में जनप्रतिनिधियों के साथ साथ लोगों को भी देखा गया साथ ही साथ लोगों ने भाईचारे का पैगाम देते हुए एकता और अखंडता बनाए रखने के लोगों से अपील की साथ ही साथ नारेबाजी भी की गई मुस्लिमों के इस पाक पर्व को आखरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था इसी के उपलक्ष में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा यह पर्व मनाया जाता है इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय सहित अन्य समुदाय द्वारा स्टाल लगाकर लोगों को भोजन के साथ साथ पानी व अन्य चीजें भी खिलाई पिलाई जाती हैं लोग एक दूसरे से गले मिलकर आपसी भाईचारे का पैगाम देते हैं डुमरियागंज में यह जुलूस बेंवा चौराहे से निकलकर खीरा मंडी होते हुए डुमरियागंज मेन चौराहे पर इसका समापन होता है । इस बारे में मौलाना मकसूद व अरबाब ने कहा यह जुलूस ही नहीं यह एक इंटरनेशनल त्यौहार है जो पूरे मुल्क में मनाया जाता है इसके निकालने का मकसद हम लोगों को यह बताना चाहते हैं कि आज ही के दिन आखरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था हजरत मोहम्मद साहब का इस दुनिया में आना बेहद ही खुशी का मौका है इसी चीज को लेकर यह जुलूस निकाला जाता है हजरत मोहम्मद साहब ने डूबती हुई इंसानियत को सहारा दिया था हजरत मोहम्मद साहब ने गरीबों मजलूमों कि हमेशा मदद की थी इस जुलूस के माध्यम से उनका मानना था कि हमारे चाहने वाले लोगों में यह चीज जुलूस निकाल कर बाटेंगे जुलूसए मोहम्मदी से लोगों में एक ही पैगाम दिया जाता है आपसी सौहार्द और भाईचारे का ।     PUBLISH BY-MOHD ADNAN DURRANI

सिद्धार्थनगर-जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया_रिपोर्ट-संदीप पांडेय

 

 

 

सिद्धार्थनगर जिले में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है डुमरियागंज में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलूस निकाल कर के यह पर्व बड़े धूम-धाम से मनाया इस पर्व में जनप्रतिनिधियों के साथ साथ लोगों को भी देखा गया साथ ही साथ लोगों ने भाईचारे का पैगाम देते हुए एकता और अखंडता बनाए रखने के लोगों से अपील की साथ ही साथ नारेबाजी भी की गई मुस्लिमों के इस पाक पर्व को आखरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था इसी के उपलक्ष में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा यह पर्व मनाया जाता है इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय सहित अन्य समुदाय द्वारा स्टाल लगाकर लोगों को भोजन के साथ साथ पानी व अन्य चीजें भी खिलाई पिलाई जाती हैं लोग एक दूसरे से गले मिलकर आपसी भाईचारे का पैगाम देते हैं डुमरियागंज में यह जुलूस बेंवा चौराहे से निकलकर खीरा मंडी होते हुए डुमरियागंज मेन चौराहे पर इसका समापन होता है ।
इस बारे में मौलाना मकसूद व अरबाब ने कहा यह जुलूस ही नहीं यह एक इंटरनेशनल त्यौहार है जो पूरे मुल्क में मनाया जाता है इसके निकालने का मकसद हम लोगों को यह बताना चाहते हैं कि आज ही के दिन आखरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था हजरत मोहम्मद साहब का इस दुनिया में आना बेहद ही खुशी का मौका है इसी चीज को लेकर यह जुलूस निकाला जाता है हजरत मोहम्मद साहब ने डूबती हुई इंसानियत को सहारा दिया था हजरत मोहम्मद साहब ने गरीबों मजलूमों कि हमेशा मदद की थी इस जुलूस के माध्यम से उनका मानना था कि हमारे चाहने वाले लोगों में यह चीज जुलूस निकाल कर बाटेंगे जुलूसए मोहम्मदी से लोगों में एक ही पैगाम दिया जाता है आपसी सौहार्द और भाईचारे का ।

 

 

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