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संतकबीरनगर- शहर चेयरमैन व भाजपा नेता श्याम सुंदर वर्मा ने पक्का पोखरा घाट पर छठ पूजा का फीताकाट कर उद्घाटन किया। नगर क्षेत्र के साथ जिलेवासियों को महापर्व छठ की बधाई देते हुए  शहर चेयरमैन ने सभी से आपस में मिल-जुलकर प्रेम और पारस्परिक सद्भाव के साथ महापर्व मनाने की अपील की। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि महापर्व छठ भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण है। यही एक पूजा है, जिसमें लोक आस्था के समक्ष जाति-धर्मों जैसे सभी विभेद मिट जाते हैं। इस पर्व में समाज के सभी तबकों के लोग भेद-भाव भुलाकर एक-दूसरे के पूरक बन सहायता में आगे रहते हैं। यही एक ऐसा पर्व है जिसमें भक्त और भगवान का एक-दूसरे से साक्षात मिलन होता है। इसीलिए इसे लोक आस्था का अनूठा महापर्व भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष कोरोना के चलते यह पर्व धूमधाम से नही मनाया जा सका था लेकिन इस वर्ष यह त्योहार बड़े ही हर्सोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। अस्तचलगामी सूर्य को अर्ध्य देकर भगवान की पूजा करने वाली सभी माताओं और बहनों को उन्होंने पर्व की बधाई देते हुए कहा कि चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान को करने वाले सभी छठव्रतियों को मेरा नमन है तथा भगवान आदित्य से यह कामना है कि समस्त नगरवासियों, जनपदवासियों की मनोकामनाओं को पूर्ण करें। इसके अलावा आम जनता से अपील है कि छठ-पूजा के समय जिस तरह की स्वच्छता अपने घर, गलियों या मोहल्लों में रखते है वैसे ही बाकी दिन भी रखे तो हमारा नगर सबसे स्वच्छ और सुंदर बना रहेगा।

छठ पूजा का चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा ने किया उद्घाटन, सभी को दी बधाई

संतकबीरनगर– शहर चेयरमैन व भाजपा नेता श्याम सुंदर वर्मा ने पक्का पोखरा घाट पर छठ पूजा का फीताकाट कर उद्घाटन किया। नगर क्षेत्र के साथ जिलेवासियों को महापर्व छठ की बधाई देते हुए  शहर चेयरमैन ने सभी से आपस में मिल-जुलकर प्रेम और पारस्परिक सद्भाव के साथ महापर्व मनाने की अपील की। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि महापर्व छठ भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण है। यही एक पूजा है, जिसमें लोक आस्था के समक्ष जाति-धर्मों जैसे सभी विभेद मिट जाते हैं। इस पर्व में समाज के सभी तबकों के लोग भेद-भाव भुलाकर एक-दूसरे के पूरक बन सहायता में आगे रहते हैं। यही एक ऐसा पर्व है जिसमें भक्त और भगवान का एक-दूसरे से साक्षात मिलन होता है। इसीलिए इसे लोक आस्था का अनूठा महापर्व भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष कोरोना के चलते यह पर्व धूमधाम से नही मनाया जा सका था लेकिन इस वर्ष यह त्योहार बड़े ही हर्सोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। अस्तचलगामी सूर्य को अर्ध्य देकर भगवान की पूजा करने वाली सभी माताओं और बहनों को उन्होंने पर्व की बधाई देते हुए कहा कि चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान को करने वाले सभी छठव्रतियों को मेरा नमन है तथा भगवान आदित्य से यह कामना है कि समस्त नगरवासियों, जनपदवासियों की मनोकामनाओं को पूर्ण करें। इसके अलावा आम जनता से अपील है कि छठ-पूजा के समय जिस तरह की स्वच्छता अपने घर, गलियों या मोहल्लों में रखते है वैसे ही बाकी दिन भी रखे तो हमारा नगर सबसे स्वच्छ और सुंदर बना रहेगा।

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