सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर जिले के विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि महुली थाना के नाथनगर निवासी राजेश शुक्ल और योगेंद्र बेलदार के विरुद्ध वर्ष 2009 में एस. एस. आई.बी0एन0 तिवारी ने गैंगेस्टर की कार्यवाही किये थे।उन्हें जानकारी प्राप्त हुई कि अभियुक्तगण गैंग बनाकर काम करते थे व भौतिक आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे।इन लोगो का जनता में इतना आतंक एवं भय व्याप्त था कि जनता का कोई भी व्यक्ति इनके विरुद्ध न ही थाना में एफआईआर लिखवाना चाहता है और न ही न्यायालय में गवाही देना चाहता है।उन पर अंकुश लगाने के लिए महुली थाना में उसके ऊपर गैंगेस्टर का मुकदमा वर्ष 2009 में पंजीकृत कराया गया।मामले में विवेचना के उपरांत गैंगेस्टर के मुकदमे में आरोप पत्र विवेचक द्वारा न्यायालय में दाखिल किया गया।विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन द्वारा दस गवाहों की गवाही कराया गया व आठ अभिलेखीय साक्ष्य साबित कराया गया।अभियुक्तगण को गैंग चार्ट में उल्लखित हत्या के मुकदमे में पूर्व में न्यायाल द्वारा सजा दी जा चुकी थी।अभियोजन साक्षियो ने घटना का समर्थन किये जिस पर न्यायालय ने राजेश शुक्ल व योगेंद्र बेलदार को चार चार वर्ष के कठोर कारावास और दस दस हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किये।अर्थदण्ड न अदा करने पर एक एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिए।

दो गैंगेस्टर को चार वर्ष के कठोर कारावास और दस -दस हजार रुपए के अर्थदण्ड से विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट काशिफ़ शेख ने दी

संतकबीरनगर जिले के विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि महुली थाना के नाथनगर निवासी राजेश शुक्ल और योगेंद्र बेलदार के विरुद्ध वर्ष 2009 में एस. एस. आई.बी0एन0 तिवारी ने गैंगेस्टर की कार्यवाही किये थे।उन्हें जानकारी प्राप्त हुई कि अभियुक्तगण गैंग बनाकर काम करते थे व भौतिक आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे।इन लोगो का जनता में इतना आतंक एवं भय व्याप्त था कि जनता का कोई भी व्यक्ति इनके विरुद्ध न ही थाना में एफआईआर लिखवाना चाहता है और न ही न्यायालय में गवाही देना चाहता है।उन पर अंकुश लगाने के लिए महुली थाना में उसके ऊपर गैंगेस्टर का मुकदमा वर्ष 2009 में पंजीकृत कराया गया।मामले में विवेचना के उपरांत गैंगेस्टर के मुकदमे में आरोप पत्र विवेचक द्वारा न्यायालय में दाखिल किया गया।विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन द्वारा दस गवाहों की गवाही कराया गया व आठ अभिलेखीय साक्ष्य साबित कराया गया।अभियुक्तगण को गैंग चार्ट में उल्लखित हत्या के मुकदमे में पूर्व में न्यायाल द्वारा सजा दी जा चुकी थी।अभियोजन साक्षियो ने घटना का समर्थन किये जिस पर न्यायालय ने राजेश शुक्ल व योगेंद्र बेलदार को चार चार वर्ष के कठोर कारावास और दस दस हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किये।अर्थदण्ड न अदा करने पर एक एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिए।

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